उत्तराखंड में कितने जिले हैं उनके नाम क्या है- Uttarakhand District Name In Hindi

उत्तराखंड में कितने जिले हैं और इनके नाम क्या क्या है एवं राज्य का इतिहास क्या है व Uttarakhand District Name लिस्ट देखे हिंदी में

भारत में देव भूमि के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड राज्य हमेशा से ही पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र बना रहा है ऐसा हो भी क्यों ना क्योंकि यहां की सुंदरता और मौसम लोगों को हमेशा लुभाने के लिए अग्रसर रहते हैं यही कारण है कि बारहों मास यहां पर पर्यटक घूमने फिरने के लिए जरूर आया करते हैं हमने अक्सर ये Uttarakhand के बारे में News Paper, Television या फिर लोगों से जरूर सुना है परंतु हम उत्तराखंड को करीब से नहीं जान पाते हैं ऐसे में Uttarakhand District Name के बारे में इस Article के माध्यम से सूची प्रकट करेंगे

जिससे आपको यदि कभी Uttarakhand घूमने जाना हुआ तो आप जिलेवार तरीके से आसानी से उत्तराखंड में घूम सकते हैं उत्तराखंड का हरिद्वार सबसे प्रसिद्ध जिला माना जाता है जहां पर पर्यटकों की संख्या अत्यधिक देखने को मिलती है Uttarakhand के बारे में विस्तृत तौर पर जानकारी प्रदान करते हैं।

उत्तराखंड राज्य का इतिहास क्या है

उत्तर भारत के सबसे खूबसूरत राज्य में से एक उत्तराखंड पर्वती क्षेत्र वाला राज्य जिसकी स्थापना 9 नवंबर सन 2000 में की गई थी जिसके लिए काफी बड़े-बड़े आंदोलन भी हुए तब जाकर देश के 27 वें राज्य के तौर पर इसे मान्यता दी गई थी शुरुआती दौर में Uttarakhand को उत्तरांचल के नाम से हर कोई जानता था परंतु साल 2007 में अधिकारिक तौर पर इसके नाम में परिवर्तन करके इसका नाम उत्तराखंड(Uttarakhand) पड़ गया यदि इसके सीमा की बात किया जाए तो या नेपाल तिब्बत हिमाचल प्रदेश उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण राज्यों से होकर लगती है यदि उत्तराखंड घूमने के लिए कोई पर्यटक जाना चाहता है तो सितंबर से अक्टूबर तक के महीने में यह काफी ज्यादा खूबसूरत लगता है।

Uttarakhand District Name

भारत में कुल कितने राज्य हैं

उत्तराखंड में कितने जिले है

यदि Uttarakhand राज्य में जिले की बात किया जाए तो इसकी संख्या 13 है जोकि प्राकृतिक सुंदरता और वहां के मौसमों से भरपूर भरा हुआ है इसके बहुत से जिले दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भी सटे हुए हैं जहां पर ज्यादातर धार्मिक स्थल और हजारों मंदिर देखने को मिलते है शायद यही कारण है किसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है अक्सर ही पर्यटक उत्तराखंड के कई जिलों में घूमने के लिए आते हैं परंतु उन्हें ठीक से जिलों का नाम पता नहीं होता है और यदि Uttarakhand दर्शन करने के लिए कोई आ रहा है तो उसके लिए सामान्य तौर पर यह जानकारी रखना जरूरी है कि उसे किस जिले में जाना है और कहां ठहरना है।

Uttarakhand District Name List

अब हम आपको उत्तराखंड राज्य के सभी 13 जिलों की नामों की लिस्ट (Uttarakhand District Name) प्रदर्शित करने जा रहे हैं तथा उसके साथ ही साथ उन जिलों के स्थापना वर्ष भी हम आपको दर्शआएंगे।

क्रम स०जिले का नामस्थापना वर्ष
01देहरादून1817
02पौड़ी1840
03अल्मोड़ा1891
04नैनीताल1891
05टिहरी1949
06पिथौरागढ़1960
07उत्तरकाशी1960
08चमौली1960
09हरिद्वार1988
10उधमसिंह नगर1995
11रुद्रप्रयाग1997
12चंपावत1997
13बागेश्वर1997

उत्तराखंड का सबसे छोटा और बड़ा जिला कौन है?

यदि Uttarakhand राज्य के 13 जिलों में से सबसे बड़े जिला क्षेत्रफल की दृष्टि से देखा जाए तो वह चमोली जिला है जो कि 8300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है और वही यदि जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़े जिले को देखा जाए तो वह हरिद्वार है जिसकी जनसंख्या लगभग 19 लाख है और वही क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला है वह उत्तराखंड का चंपावत है जिसका क्षेत्रफल सिर्फ 1766 वर्ग किलोमीटर ही है और जनसंख्या की दृष्टि से रुद्रप्रयाग Uttarakhand का सबसे छोटा जिला माना जाता है जहां की कुल जनसंख्या ढाई लाख के करीब है।

Uttarakhand District Name

राजधानी के नाम

उत्तराखंड का सबसे छोटा एवम बड़ा ज़िला(क्षेत्रफल)

जिलाक्षेत्रफल
चमोली(बड़ा)8300 वर्ग किलोमीटर
चंपावत(छोटा)1766 वर्ग किलोमीटर

उत्तराखंड का सबसे छोटा एवम बड़ा ज़िला(जनसंख्या)

जिलाजनसंख्या
हरिद्वार18,90,422
रुद्रप्रयाग2,42,285

उत्तराखंड(Uttarakhand) की राजधानी और घूमने की जगह

सन 2000 में जब Uttarakhand उत्तर प्रदेश से अलग होकर एक नया राज्य बना तो वहां की राजधानी देहरादून को घोषित की गई थी या देहरादून एक पर्यटक स्थल के तौर पर घूमने की जगह भी है और यहां का प्राकृतिक मौसम हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र माना जाता रहा है इसके साथ ही साथ यदि उत्तराखंड में घूमने की जगह की बात किया जाए तो वह हम आपको निम्नलिखित बताने जा रहे हैं।

Uttarakhand(उत्तराखंड) के मुख्य पर्यटक स्थल

यदि उत्तराखंड के मुख्य पर्यटक स्थलों में से बात किया जाए तो देहरादून नैनीताल हरिद्वार उत्तरकाशी आदि घूमने की सबसे अच्छी जगह मानी जाती रही है तो आइए निम्नलिखित हम उनके बारे में भी आपसे चर्चा करते हैं।

Dehradun(देहरादून)

देहरादून शुरू से ही अपने प्राकृतिक प्रवेश के कारण ही ज्यादातर जाना जाता रहा है या भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में से एक है जो कि मुख्य पर्यटक स्थलों में से गिना जाता रहा है उसके साथ ही साथ इसका आकर्षण का केंद्र और भी ज्यादा तब हो जाता है जब से इसे उत्तराखंड की राजधानी के तौर पर चुना गया और वर्तमान समय में सबसे ज्यादा पर्यटक देहरादून में ही अपनी छुट्टियां मनाने आते हैं।

Nainital(नैनीताल)

Uttarakhand के सबसे हरे भरे पानी क्षेत्रों में से एक नैनीताल जिला बहुत सारी झीलो के लिए जाना जाता है शायद यही कारण है कि इसे झीलों की नगरी भी कहा जाता है और यह भारत के पर्यटकों के लिए मुख्य हिल स्टेशन में से एक है जिसकी खोज 1841 में अंग्रेजो के द्वारा की गई थी यहां घूमने की बात किया जाए तो नैना झील यहां की सुप्रसिद्ध झील मानी जाती है जिसके नाम पर ही नैनीताल नाम इस जिले का पड़ा है यहां पर जितने भी पर्यटक आते हैं वह बोटिंग का मजा जरूर लेते हैं तथा उसके साथ ही पैराग्लाइडिंग करके नैनीताल को ऊंचाइयों से उस की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद भी लेते हैं।

Haridwar(हरिद्वार)

हरिद्वार उत्तराखंड का सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल के साथ-साथ तीर्थ स्थल माना जाता है जहां पर गंगा नदी में डुबकी लगाने के लिए प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं सावन के महीने में कावड़ियों का यहां पर तांता लगा हुआ रहता है और पूरा हरिद्वार शहर श्रद्धालुओं से भरा रहता है हरिद्वार की सबसे खास बात यह है किस शहर में घुसते ही आपको चारों तरफ मंदिर ही मंदिर देखने को मिलेगा और हरिद्वार से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर सबसे पवित्र स्थल पौड़ी यहीं पर मौजूद है और हर 12 वर्ष में एक बार महाकुंभ का जो आयोजन होता है वह हरिद्वार में ही होता है शायद यही कारण है कि हरिद्वार Uttarakhand का सबसे प्रसिद्ध और धार्मिक तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है।

Uttarkashi(उत्तरकाशी)

Uttarakhand के इतिहास में बहुत से पवित्र स्थल आपको देखने को मिलेंगे परंतु उत्तरकाशी का अपना एक अलग ही महत्व है और उत्तराखंड का इकलौता ऐसा जिला है जहां पर आप को शांत वातावरण और वह भी पूरा हरा-भरा मिलेगा खासतौर से उत्तरकाशी जिले को ही देवभूमि के नाम से जाना जाता है जहां पर यमुनोत्री और गंगोत्री दोनों का ही तीर्थ यात्रा का प्रवेश द्वार देखने को मिलता है ऊंचे ऊंचे पर्वतों से घिरा हुआ उत्तरकाशी जाड़े के मौसम में बर्फ की चादर से ढक जाता है और यहां के पर्वत पूरी तरह से वर्ष की वजह से सफेद दिखाई देने लगते हैं यहां पर पर्यटकों का हमेशा सही आना जाना लगा रहता है जहां पर वह पैराग्लाइडिंग जंपिंग वोटिंग आदि का आनंद लेते रहते हैं।

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