C/O Full Form| C/O क्या होता है- “Care Of” Meaning in Hindi

सी/ओ क्या होता है | C/O Ki Full Form Kya Hoti Hai | सी/ओ का इस्तेमाल किस वक्त किया जाता है | C/O से जुडी सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में

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C/O क्या होता है  | C/O Ki Full Form Kya Hoti Hai |  सी/ओ का इस्तेमाल किस वक्त किया जाता है  | Care Of” Meaning in Hindi

दोस्तों आज हम आपको c/o के विषय में बता रहे हैं C/O की फुल फॉर्म क्या होती है और इसका क्या मतलब होता है केयर ऑफ के हिंदी में क्या मायने होते हैं यह सभी जानकारी हम आपको देंगे इसके साथ हम आपको यह भी बताएंगे कि इसका उपयोग कहां कहां करते हैं हिंदी में इसका क्या मतलब होता है इन सभी बातों को हम आपको बता रहे हैं तो आप इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें।

C/O  का अर्थ हिंदी में

सी/ओ का मतलब हिंदी में इन के माध्यम से या इनके जरिए या देखभाल में होता है ज्यादातर  इसका पत्र व्यवहार या ऑनलाइन शॉपिंग में उपयोग किया जाता है।

C/O क्या होता है

C/O FULL FORM

℅ की फुल फॉर्म इंग्लिश में केयर ऑफ होती है इसका मतलब हम आपको हिंदी में बता चुके हैं इसका मतलब के माध्यम से या इनके जरिए होता है।

सी/ओ क्या है ?

C/O की फुल फॉर्म care of होती हैऔर इसका उपयोग बहुत सी जगह पर भिन्न-भिन्न तरीके से किया जाता है ज्यादातर व्यक्ति इसका उपयोग एड्रेस लिखते समय करते हैं जब डाकघर से कोई पत्र आता है या कोरियर सर्विस से तो आपने अक्सर देखा होगा कि एड्रेस पर केयर ऑफ के लिखा होता है केयर ऑफ लिखने से पता आसानी से मिल जाता है क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि हमें मोहल्ले में ज्यादातर लोग नहीं जानते तो हम अपने पड़ोसी या मकान मालिक के माध्यम से एड्रेस में केयर ऑफ लिखवा देते हैं जिससे पता ढूंढने में आसानी रहती है। इससे डाकिए या कोरियर बॉय को यह पता चल जाता है कि यह किसको देना है और किसके जरिए देना है।

C/O Full Form

C/O का इस्तेमाल किस वक्त किया जाता है ?

पत्र या पार्सल भेजते समय 

जैसा कि अक्सर आपने देखा होगा बहुत से विद्यार्थी या नौकरी करने वाले अपना शहर छोड़ कर दूसरे शहर में पढ़ाई करने या नौकरी करने जाते हैं तो उनके पास अपना कोई घर नहीं होता तो उन्हें किराए के मकान या हॉस्टल में रहना पड़ता है और जब उनका कोई पार्सल या पत्र आता है तो उस पर पहले पत्र को मिलने वाले का नाम उसके बाद केयर ऑफ में  मकान मालिक का नाम लिख दिया जाता है जिससे डाकिए या कूरियर बॉय को पता ढूंढने में आसानी हो जाती है कि यह पत्र या पार्सल किसका है।

जो लोग केयर ऑफ का इस्तेमाल नहीं करते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए केयर ऑफ का उपयोग करना पड़ता है जब आप किसी का एड्रेस लिखते हैं तो पहले उस व्यक्ति का नाम लिखा जाता है जिसे आप को भेजना है फिर जिसके जरिए उसका पड़ोसी या मकान मालिक उसका नाम केयर ऑफ में लिखा जाता है इससे पत्र या पार्सल पहुंचने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता और एड्रेस आसानी से मिल जाता है।

C/O क्या होता है

ऑनलाइन शॉपिंग करते समय

जब कभी भी हम ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो हमें ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त अपना एड्रेस लिखना होता है इसी वजह से हमारा पार्सल हमारे घर तक आता है और कभी-कभी ऐसा होता है की शहर या मोहल्ले में हमें बहुत कम लोग जानते हैं तो हम केयर ऑफ में ऐसे व्यक्ति का नाम लिख देते हैं जो मोहल्ले पड़ोस में मशहूर होता है यह हमारा मकान मालिक होता है तो पहले इसके लिए हम अपना नाम लिखते हैं उसके बाद केयर ऑफ में उस व्यक्ति का नाम लिखते हैं यह व्यक्ति को ज्यादातर लोग जानते हैं इसलिए हमारा पार्सल में आसानी से मिल जाता है।

तो दोस्तों आपने देखा की केयर ऑफ लिखने के कितने फायदे हैं इसकी वजह से आपका पार्सल या पत्र सही मालिक तक पहुंच जाता है और ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता कभी-कभी ऐसा होता है कि केयर ऑफ ना लिखने की वजह से है पार्सल वापस हो जाता है और सही एड्रेस नहीं मिल पाता अगर आप अगर किसी नई जगह है तो अपने एड्रेस में केयर ऑफ जरूर लिखवायें।

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