FIR Application In Hindi- एफआईआर के लिए एप्लीकेशन कैसे लिखें

FIR Kya Hoti Hai और एफआईआर के लिए एप्लीकेशन कैसे लिखें एवं एप्लीकेशन लिखने का तरीका क्या है जाने सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में

वर्तमान समय में लगभग सभी जगहों पर हम अपराधी गतिविधियां देखते आ रहे हैं ऐसे में यह निरंतर बढ़ती ही जा रही हैं जिसके कारण आम जनता को भी काफी ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है अपराधियों के द्वारा हर दिन अपराध को अंजाम दिया जाता है तो कहीं-कहीं लोगों की Bike, Bicycle, Mobile Phone, Documents, Anything आदि भी चोरी हो जाते हैं जिससे पीड़ित लोगों को काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है और काफी ज्यादा परेशानी भी होती है ऐसे में सबसे पहले अपने नजदीकी थाना क्षेत्र में जाकर FIR Application Register कराना चाहिए परंतु आज भी बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें FIR रजिस्टर कराने नहीं आता तो आज इस Article के माध्यम से हम आपको FIR कैसे लिखते हैं तथा उसके Format के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास करेंगे। तो आइए निम्नलिखित हम आपको FIR (First Information Report) से संबंधित जानकारी प्रदान करते हैं।

एफआईआर क्या होती है

First Information Report यानी कि प्रथम सूचना रिपोर्ट को ही हम FIR कहते हैं जो कि सीआरपीसी 1973 की धारा 154 में दर्ज कराने का प्रावधान प्रदान किया गया है किसने यह साफ तौर से कहा गया है कि भारत के सभी राज्यों के जितने भी जिले हैं तथा उनके कस्बे आदि में आने वाले थाना प्रभारी को यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की कोई अपराधिक घटना घटित होती है तो उसके द्वारा दी गई सूचना के आधार पर चाहे वह लिखित हो या मौखिक एफआईआर दर्ज करना होगा तथा उस व्यक्ति को दर्ज किए गए FIR की एक कॉपी भी प्रदान करनी होगी जिसमें थानाध्यक्ष के द्वारा लिखा गया सारा दौरा होना चाहिए और उस एफआईआर में पीड़ित व्यक्ति की हस्ताक्षर भी मौजूद होनी चाहिए और सबसे बड़ी बात है कि पीड़ित व्यक्ति लिखाई गई FIR से संतुष्ट होना चाहिए।

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एफआईआर दर्ज करवाने के विषय में संबंधित जानकारी

यदि आप किसी अपराधिक घटना का शिकार हुए हैं और ऐसे में आप अपने नजदीकी थाने में जाकर एफ आई आर दर्ज कराना चाहते हैं तो उससे पहले आपको FIR दर्ज करवाने के विषय में कुछ जानकारी भी होनी चाहिए जो कि हम आपको नंबर की देने जा रहे हैं।

  • सर्वप्रथम यदि आप First Information Report दर्ज कराने जा रहे हैं तो आपको अपने घटना क्षेत्र से नजदीकी थाने में एफआईआर को दर्ज कराना होगा।
  • FIR में अपनी घटनाक्रम लिखने से पहले थाने का नाम और उसका पूरा पता जरूर लिखें।
  • आपके द्वारा घटित घटना को अपनी FIR की कॉपी में अलग से किसी कॉलम में उल्लेख करें
  • उसके बाद रिपोर्ट में अपनी जानकारी प्रदान करें जैसे अपना नाम तथा निवास आदि के बारे में लिखें
  • आपके द्वारा घटित घटना कब हुई तथा किस स्थान पर हुई इसके बारे में आपको विस्तृत जानकारी प्रदान करनी होगी
  • यदि आपके साथ जब घटना घटी है तो उस समय आपके आसपास कोई व्यक्ति ही विशेष मौजूद था या नहीं उसे गवाह के तौर पर जरूर विवरण दें।
  • यदि आपके साथ जो अपराधिक घटना घटी है वह किसी परिचित व्यक्ति के द्वारा किया गया कृत्य है तो उसे अपनी एफआईआर रिपोर्ट में जरूर से लिखें
  • जब आपके साथ अपराधिक घटना हो रही थी उसके प्रमाण के लिए यदि आपके पास किसी प्रकार का Audio या Video है तो उसका ब्यौरा अपनी रिपोर्ट में जरूर दर्ज करें
  • आपके साथ हुई अपराधिक घटना से आपको क्या हानि पहुंची है इसके बारे में भी जरूर उल्लेख करें।
  • आप घटनाक्रम पर अकेले थे या आपके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था इसके बारे में भी आपको पूरा विवरण देना होगा
  • यदि जब आप के साथ अपराध हो रहा था और अपराध करने वाले व्यक्ति से आप परिचित नहीं थे तो उसके हुलिए के आधार पर तथा उसके पहनावे के आधार पर उसे पहचान कराने के लिए उसका ब्यौरा दर्ज कराएं
  • अपराधिक घटना जब आपके साथ हुई उसके विषय में अन्य किसी प्रकार की अधिक जानकारी है तो उसे भी आपको विस्तार से बताना होगा
  • जब आप अपनी एफआईआर की रिपोर्ट लिखवा रहे हैं तो उसमें अपना पहचान पत्र की Photocopy जरूर लगाकर दे
  • जब आपके द्वारा दिया गया Application पूर्ण रूप से हो चुका है तो उसके नीचे अपना Signature जरूर करें।
  • सर्वप्रथम यदि आप First Information Report दर्ज कराने जा रहे हैं तो आपको अपने घटना क्षेत्र से नजदीकी थाने में एफआईआर को दर्ज कराना होगा।
  • FIR में अपनी घटनाक्रम लिखने से पहले थाने का नाम और उसका पूरा पता जरूर लिखें।
  • आपके द्वारा घटित घटना को अपनी FIR की कॉपी में अलग से किसी कॉलम में उल्लेख करें
  • उसके बाद रिपोर्ट में अपनी जानकारी प्रदान करें जैसे अपना नाम तथा निवास आदि के बारे में लिखें
  • आपके द्वारा घटित घटना कब हुई तथा किस स्थान पर हुई इसके बारे में आपको विस्तृत जानकारी प्रदान करनी होगी
  • यदि आपके साथ जब घटना घटी है तो उस समय आपके आसपास कोई व्यक्ति ही विशेष मौजूद था या नहीं उसे गवाह के तौर पर जरूर विवरण दें।
  • यदि आपके साथ जो अपराधिक घटना घटी है वह किसी परिचित व्यक्ति के द्वारा किया गया कृत्य है तो उसे अपनी एफआईआर रिपोर्ट में जरूर से लिखें
  • जब आपके साथ अपराधिक घटना हो रही थी उसके प्रमाण के लिए यदि आपके पास किसी प्रकार का Audio या Video है तो उसका ब्यौरा अपनी रिपोर्ट में जरूर दर्ज करें
  • आपके साथ हुई अपराधिक घटना से आपको क्या हानि पहुंची है इसके बारे में भी जरूर उल्लेख करें।
  • आप घटनाक्रम पर अकेले थे या आपके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी था इसके बारे में भी आपको पूरा विवरण देना होगा
  • यदि जब आप के साथ अपराध हो रहा था और अपराध करने वाले व्यक्ति से आप परिचित नहीं थे तो उसके हुलिए के आधार पर तथा उसके पहनावे के आधार पर उसे पहचान कराने के लिए उसका ब्यौरा दर्ज कराएं
  • अपराधिक घटना जब आपके साथ हुई उसके विषय में अन्य किसी प्रकार की अधिक जानकारी है तो उसे भी आपको विस्तार से बताना होगा
  • जब आप अपनी एफआईआर की रिपोर्ट लिखवा रहे हैं तो उसमें अपना पहचान पत्र की Photocopy जरूर लगाकर दे
  • जब आपके द्वारा दिया गया FIR Application पूर्ण रूप से हो चुका है तो उसके नीचे अपना Signature जरूर करें।
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FIR Application कैसे लिखते है

यदि आप भी FIR Application लिखना चाहते हैं परंतु आपको लिखने नहीं आ रहा है तो ऐसे में हम निम्नलिखित आपको FIR Application का Demo दिखाने जा रहे हैं इसकी सहायता से आप आसानी से FIR दर्ज करा सकते हैं।

Demo: घर में चोरी होने पर एफ आई आर दर्ज कराना

सेवा में,

थाना प्रभारी,

नंदगंज थाना,

जिला:गाजीपुर

विषय:घर में सामान की चोरी होने के संबंध में

महोदय,

मैं सुरेश यादव पहाड़पुर गांव का निवासी हूं जोकि अपने पूरे परिवार के साथ ही पहाड़पुर मार्केट में दो मंजिला मकान में रहता है पिछले 2 दिनों से मैं अपनी माताजी की बीमारी के कारण उनके इलाज कराने के लिए अपनी बहन के घर बनारस गया हुआ था जहां पर हम लोग इलाज करा कर आज दोपहर में 2:00 बजे अपने गांव पहाड़पुर आए तो देखा कि मेरे घर के मेन गेट का ताला टूटा हुआ है और अंदर सामान बिखरे पड़े हुए हैं और अलमारी का लॉक तोड़कर उसके अंदर से जेवर और नगदी भी चोरी कर ली गई है जो कि तकरीबन ₹60000 तक के थे और नगदी लगभग 20 से ₹25000 लॉकर में रखे हुए थे।

चोरी हुए सामानों का विवरण:

  • एक अदद जोड़ा कान का झुमका
  • दो पायल
  • एक मंगलसूत्र
  • गले की चैन
  • नगदी 25 हजार

अतः आपसे निवेदन है, कि आप मेरे द्वारा दी गयी मोटर-साइकिल की चोरी हो जाने की  सूचना के आधार पर एफआईआर दर्ज कर उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।

अतः आप श्रीमान जी से विनम्र अनुरोध है कि मेरे द्वारा दी गई घर में चोरी की सूचना के आधार पर एफ आई आर दर्ज करने की कृपा करें तथा उससे संबंधित उचित कार्रवाई भी करें।

                                       सधन्यवाद!

दिनांक:२३/०८/२०२२                                               

आपका आभारी

सुरेश यादव

पहाड़पुर, ब्लॉक देवकली

थाना नंदगंज,गाजीपुर

FIR दर्ज ना होने की स्तिथि में क्या करें

यदि किसी परिस्थिति में आपके द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर आपके थाने कि पुलिस के द्वारा नहीं देखी जाती है तो आप इसकी शिकायत ऑनलाइन माध्यम से या फिर Online Register Post के द्वारा क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त(DSP)को भी भेज सकते हैं तथा उसके साथ ही साथ आप इससे संबंधित शिकायत अपने शहर के अपर पुलिस अधीक्षक या फिर पुलिस अधीक्षक को भी कर सकते हैं फिर भी कभी परिस्थिति ऐसी होती है कि आप की सुनवाई वहां पर भी नहीं हो पाती तो आप अपने जिले के मजिस्ट्रेट के समक्ष हाजिर होकर थाने की पुलिस के द्वारा किए जा रहे कार्य को Complaint Pitican दायर करके कार्रवाई करा सकते हैं जोकि जिला अधिकारी के द्वारा आदेश पर फौरन ही FIR Register कर दी जाएगी तथा उक्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

Conclusion:

आज की Article में हमने आपको आपके साथ यदि किसी प्रकार की अपराधिक घटना घटती है तो उसके लिए जो आप FIR Application दर्ज कराने जाते हैं उसका Demo लिख कर दिखाया है जिसकी सहायता से वापस आने से FIR दर्ज करा सकते हैं तथा इसके साथ ही साथ एफआईआर के विषय में भी हमने आपको कुछ जानकारियां प्रदान की है जो आपके लिए आगे चलकर उपयोगी साबित होगी हम आशा करते हैं कि Article आपको काफी ज्यादा पसंद आया होगा।

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