Artificial Intelligence क्या है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग लाभ व नुकसान

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Artificial Intelligence Kya Hai | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग क्या है | What exactly is Artificial Intelligence | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे बनाएं

दोस्तों आज हम आपको Artificial Intelligence के बारे में बता रहे हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है और इसके क्या क्या उपयोग है इससे होने वाले लाभ और नुकसान क्या है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अगर हिंदी में मतलब देखा जाए तो कृत्रिम बुद्धिमत्ता होती है ऐसी बुद्धिमत्ता जो इंसान के द्वारा बनाई गई हो आज के कंप्यूटर इंटरनेट के दौर में हर काम ऑटोमेटिक मशीनों के द्वारा करवाया जा रहा है इन मशीनों में जिस तकनीक का इस्तेमाल होता है उसे Artificial Intelligence करते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या है ?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शब्द का इस्तेमाल ज्यादातर कंप्यूटर और मशीनों में किया जाता है कंप्यूटर, मशीन को इस लायक बनाया जाता है कि इंसानी दिमाग के साथ कार्य कर सकें। इंसान के अंदर एक ऐसी कुदरती इंटेलिजेंस ताकत है जिसकी सहायता से वह अपने आप कुछ ना कुछ सीखता है जब बच्चा 6 महीने का हो जाता है यह प्रक्रिया जब से शुरू हो जाती है जैसा वह सुनता है देखता है वैसे ही सीखता चला जाता है इसी को इंसानी दिमाग की इंटेलिजेंस कहा जाता है। और अपनी समस्याओं को हल करता है ठीक इसी प्रकार ऑटोमेटिक मशीन और रोबोट में Artificial Intelligence को विकसित किया जा रहा है जिससे वह खुद सोच और सीख सकें इसी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहते हैं।

Artificial Intelligence

Artificial Intelligence की शुरुआत

प्राचीन काल मैं भी शास्त्रीय दार्शनिकों मैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सोच विकसित हुई थी उन लोगों ने इंसानियत सोच को यांत्रिक हेरफेर करके प्रदर्शित करने की कोशिश की थी इस कार्य को 1940 के दशक में पूरा किया गया जब एक प्रोग्रामेबल डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार किया गया जो गणितीय तर्क पर बेस्ड एक कंप्यूटर था। जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शुरू करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद अमरीकी कंप्यूटर वैज्ञानिक जॉन मैकार्थी को Artificial Intelligence का जनक माना जाता है जिनका देहांत अक्टूबर 2 सन 2011 को हुआ था।

कंप्यूटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

कंप्यूटर साइंस, साइंस की ही एक ब्रांच है इसमें एक ऐसा रोबोट या मशीन बनाई जा रही है जिसमें इंसानी सोच देखकर सीखना आवाज की पहचान फिंगरप्रिंट पहचान काम करने की प्लानिंग, कोई परेशानी होने पर उसे खुद हल करना इन सब चीजों को मिलाकर एक रोबोट तैयार करना ही इसका लक्ष्य है। और इस पर काम किया जा रहा है कि ऐसा रोबोट तैयार करना जो इंसानी सोच से भी दो कदम आगे हो। अगर शुरुआती दौर में देखे तो इलेक्ट्रॉनिक केलकुलेटर भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही है।

Artificial Intelligence क्या है

Artificial Intelligence के उपयोग और इसके फायदे

24 घंटे उपलब्धता

मनुष्य लगातार काम नहीं कर सकता उसे 4 या 8 घंटे में ब्रेक लेना पड़ता है खाने पीने में नींद पूरी करने के लिए लेकिन मशीन 24 घंटे बिना थके लगातार काम कर सकती हैं। इसके विपरीत मनुष्य लगातार काम नहीं कर सकते।

स्मार्टफोन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

स्मार्टफोन में बहुत से ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कार्य हैं जिन्हें हम साधारण समझते हैं सबसे पहले स्मार्टफोन में डिजिटल केलकुलेटर होता है जोकि Artificial Intelligence का एक बेहतरीन नमूना है इसके अलावा वॉइस सर्च, जीपीएस ट्रैकिंग, बैंकिंग डाटा, इंटरनेट टेक्नोलॉजी, वॉइस टाइप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदाहरण हैं।

कस्टमर केयर

कस्टमर केयर भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक उदाहरण है। बहुत सी कंपनियों ने इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके अपने कस्टमर से बातचीत करने के लिए मशीनों को इस काम पर लगा दिया है अगर कस्टमर केयर पर किसी इंसान को जोब देते हैं तो 24 घंटे में तीन ड्यूटी बदलनी पड़ सकती हैं जो काफी महंगा साबित होगा।

मेडिकल एप्लीकेशन्स

चिकित्सा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अहम किरदार है इसकी सहायता से बहुत से डायग्नोसिस सॉफ्टवेयर काम करते हैं और हम इंसानी शरीर की आंतरिक संरचना को बड़े ध्यान से देखकर उसका परीक्षण कर सकते हैं दवाई और वैक्सीन की की खोज और उनके इलाज बिना Artificial Intelligence के संभव नहीं।

रोबोटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

रोबोट में  भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी सफल बनाने की कोशिश की जा रही है।बहुत से देश इस पर परीक्षण भी कर चुके हैं और वह मेडिकल रोबोट या आर्मी रोबोट का इस्तेमाल कर रहे हैं इसमें रशिया और चाइना सबसे आगे हैं।

Artificial Intelligence के नुकसान

जहां एक तरफ दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भविष्य की नई नई योजनाऐं  बना रही है वहीं इसके दुष्परिणामों पर भी हमें ध्यान देना होगा Artificial Intelligence अगर गलत हाथों में पड़ जाए तो यह पूरी दुनिया का विनाश कर सकती है जिसकी एक संभावना आपने रजनीकांत की फिल्म रोबोट में देखी होगी। रोबोटिक ड्रोन जो दुनिया में कहीं भी हमला कर सकते हैं वह भी अगर आतंकवादियों के हाथ में आ जाए तो दुनिया का विनाश तय है हर टेक्नोलॉजी के फायदे भी होते हैं और अगर गलत हाथों में पड़ जाए तो नुकसान भी होते हैं।

तो दोस्तो आपने देखा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है लेकिन हमें पता नहीं होता कि हमारा स्मार्टफोन भी एक Artificial Intelligence का नमूना है। अधिकतर लोग रोबोट को ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा मानते हैं।

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