BS4 और BS6 Engine क्या है- बीएस4 और बीएस6 इंजन में क्या अंतर है जाने हिंदी में

BS4 और BS6 Engine Kya Hai और बीएस4 और बीएस6 इंजन में क्या अंतर है एवं वायु प्रदूषण को बढ़ाने वाले प्रदूषक कौन से है

देश में बढ़ते प्रदूषण से काफी ज्यादा बीमारियां उत्पन्न हो रही है यदि बात करें वायु प्रदूषण की तो विश्व में सबसे प्रदूषित शहरों में हमारे देश के ही कई शहर आ जाते हैं जिसमें दिल्ली पहले नंबर पर आता है इस वायु प्रदूषण को कम करने के लिए भारत सरकार के द्वारा कई तरह की मुहिम भी चलाई जाती है इस वायु प्रदूषण(Air Pollution)का सबसे मुख्य साधन है वह है Motor Vehicle,Car,Bike  आदि से निकलने वाले प्रदूषित हुए जोकि Petrol,Diesel आदि से निकलते हैं ऐसे में सरकार के द्वारा BS4 और BS6 Engine का प्रयोग करके इस प्रदूषण को कम करने का कार्य किया जा रहा है आज इस Article के माध्यम से हम आपको BS4 ओर BS6 के बारे में जानकारी देंगे तथा इनके बीच क्या अंतर है वह भी जानकारी आपको साझा करेंगे तो आइए निम्नलिखित हम आपको विस्तृत तौर पर बताते हैं।

BS Norms Kya Hota Hai?

 एक प्रकार की Engine की Technology है जिसे हम भारत स्टेज एमिशन नॉर्म्स(Bharat Stage Emissions Norms)  के नाम से जानते हैं इसकी शुरुआत सन 2000 में की गई थी जब वायु प्रदूषण मोटरयान कार बाइक आदि से तेजी से निकलकर हवा में घुल जा रहे थे ऐसे में केंद्र सरकार ने इस Technology की शुरुआत की जिससे Pollution Level को कम किया जा सके समय-समय पर BS Norms को Update किया जाता है जो कि  Central Pollution Control Board(CPCB) के द्वारा होता है यह पूरी तरह से यूरोपियन रेगुलेशन(European Regulation) पर आधारित है

साल 2017 में BS4 Norms को संपूर्ण भारत पर लागू किया गया है। इस सिस्टम के अंतर्गत जितने भी यान है उनमें प्रदूषण छोड़ने की एक लिमिट तय की गई है ऐसे कार्बन डाई आक्साइड(Co2),कार्बन मोनो ऑक्साइड(Co),नाइट्रोजन ऑक्साइड(Nox) और सल्फर इन सभी का मानक भारत स्टेज नॉर्म्स में तय करके रखा गया है।वर्तमान समय में BS6 को लॉन्च किया जा रहा है।

BS4 और BS6 Engine

BS4 Kya Hai?

जब भी कोई कार या बाइक सड़कों पर चलती है तो उसमें इंधन के रूप में पेट्रोल या डीजल भरवाए जाता है जोकि साइलेंसर के माध्यम से धुआं बनकर वायु में घुल जाता है जिससे वायु प्रदूषण फैलता है इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए Bharat Stage Norms System तकनीक का इस्तेमाल किया जाता रहा है पहले BS3 इंजन में भारत सरकार के द्वारा एक सीमा निर्धारित की गई थी जिसमें यह पाया गया कि Bs3 अब वातावरण के लिए सही नहीं है तो उसे अपडेट करके एक नया BS4 लांच किया गया जो कि 2017 के बाद से सभी गाड़ियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया जिसके माध्यम से जितने भी गैस निकलती है जो वायु को प्रदूषित करती है

इंजन उन मात्राओं को कम कर देता है वर्तमान समय में Bs4 इंजन आपको सभी गाड़ियों में देखने को मिल जाएगा परंतु अब इसे भी अपडेट किया जा चुका है।

BS6 क्या है?

हाल ही में BS6 इंजन की होंडा एक्टिवा 125 सीसी को लॉन्च किया गया है और यह भी देखने को मिला है कि Bs4 की अपेक्षा Bs6 ज्यादा अच्छे तरीके से वायु में प्रदूषित गैसों को नियंत्रण कर रहा है क्योंकि BS4 में नाइट्रोजन ऑक्साइड गैसों का रुकावट BS6 में पेट्रोल के लिए 25% और डीजल के लिए 68% तक कम माना गया है यही नहीं डीजल इंजन के लिए BS4 की अपेक्षा हाइड्रोजन कार्बन(HC) और नाइट्रोजन ऑक्साइड(Nox) गैसों को यह लगभग 45% तक कम कर देता है जिससे वायु में पीएम वैल्यू 80 प्रतिशत तक कम हो जाती है ऐसे में BS6 वायु प्रदूषण को कम करने के लिए काफी ज्यादा कारगर साबित हो सकता है इसलिए हाल ही में अब जितनी भी गाड़ियां आ रही हैं उन्हें BS6 इंजन के साथ Update किया जा रहा है।

बीएस4 और बीएस6 इंजन में क्या अंतर है

जैसा कि आपको बताया गया है कि सन 2000 में Bharat Stage Emission लॉन्च की शुरुआत की गई थी जोकि INDIA 2000′ के नाम से सबसे पहले प्रयोग में लाया गया था उसके बाद इस इंडियन प्रणाली को 2005 में Update कर के BS2 तथा पुनः अपडेट करके 2010 में BS3 लांच किया गया फिर एक लंबे गैप के बाद साल 2017 में BS4 को लॉन्च किया गया जो काफी ज्यादा Successful भी रहा।उसके बाद तैयारी BS5 की चलने लगी परंतु प्रदूषण के Level को अत्यधिक देखकर तथा समय अंतराल के लंबे गैप को देखते हुए BS6 की लॉन्चिंग 2020 में कर दी गई जो वर्तमान समय में भी यही चल रही है आज इस आर्टिकल में हम आपको BS4 और BS6 Engine के बीच जो अंतर है वह दिखाने जा रहे हैं।

  • यदि वायु प्रदूषण में Sulphur Components की बात की जाए तो Bs4 के फ्यूल में यह ज्यादा देखने को मिलता है परंतु Bs6 में यह लगभग 5 गुना कम हो जाता है जिससे प्रदूषित हवा को रोका जा सकता है।
  • यदि प्रदूषण फैलाने की बात की जाए तो बी एस सिक्स की अपेक्षा Bs4 ज्यादा पैमाने पर प्रदूषण को फैलाता है इसलिए इस प्रणाली को Update करके Bs6 में Convert कर दिया गया है।
  • Bs4 इंजन से निकलने वाले धुएं गंभीर बीमारियों को दावत देते हैं जैसे फेफड़े में इंफेक्शन सांस लेने में तकलीफ आंखों में जलन चेहरे की स्किन जल जाना यह सब हिंदुओं के कारण होता है इन्हीं सब समस्याओं के समाधान के लिए Bs6 इंजन की लॉन्चिंग की गई है।
  • Bs6 इंजन में एक नई प्रणाली  Advance Emission Control System को जोड़ा गया है जो कि Bs4 में नहीं थी।
  • Bs4 इंजन नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे जहरीली गैसों का उत्सर्जन अत्यधिक कर रहा था जिसके बाद BS6 के Update में यह नाइट्रोजन ऑक्साइड पेट्रोल वाहनों में 25% और डीजल वाहनों में लगभग 70% तक उत्सर्जन को कम कर देगा।
BS4 और BS6 Engine

वायु प्रदूषण(Air Pollution) को बढ़ाने वाले प्रदूषक

वर्तमान समय में मोटरयान के कारण वायु प्रदूषण बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है ऐसे में दिल्ली को वायु प्रदूषण के मामले में विश्व में प्रथम स्थान दिया गया इन्हीं सब कारणों को देखते हुए BS6 Engine को Launch किया गया जिसका प्रयोग दिल्ली राज्य में हो भी चुका है आने वाले समय में संपूर्ण भारत में BS6 इंजन को अनिवार्य कर दिया जाएगा निम्नलिखित हम वायु प्रदूषण के जो प्रदूषक है वह बताने जा रहे हैं।

  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
  • कार्बन मोनोऑक्साइड(CO)
  • हाइड्रोकार्बन (HC)
  • नाइट्रोजन ऑक्साइड (Nox)

BS6 इंजन के फायदे

जैसा कि आपको बताया गया है कि 2020 से सभी मोटरयान में BS6 Engine को अनिवार्य कर दिया गया क्योंकि Diesel और Petrol वाहनों में Nitrogen Oxide (Nox) जैसी जहरीली गैसों का उत्सर्जन कम से कम मात्रा में करता है इसलिए इसके बहुत से फायदे हैं जो कि हमारी स्वास्थ्य और वातावरण के लिए अच्छे जाने जाते हैं निम्नलिखित हम BS6 इंजन के फायदे आपको बताने जा रहे हैं।

  • सबसे पहले तो BS6 Engine के Update के बाद आपके मोटरयान के परफॉर्मेंस बेहतर हो जाएगी।
  • यदि Average की बात करें तो Bs6 Fuel Grade का इस्तेमाल करने पर आपके गाड़ी का Milage पहले की तुलना में अधिक हो जाएगा।
  • Bs6 इंजन का इस्तेमाल करने से सल्फर का Level कम होता है और यह Acid भी कम बनाता है जिससे आपके Engine Oil की लाइफ ज्यादा हो जाएगी।
  • Particulate Filter(PF)का स्तर निम्न हो जाता है जब BS6 Engine का इस्तेमाल करेंगे क्योंकि यह सल्फर(Sulphur) कम से कम मात्रा में उत्सर्जित करता है।

बीएस6 वाहनों के आने से पुराने बीएस4 वाहनों का क्या होगा?

बहुत से वाहन स्वामी और Showroom Owner इस बात से चिंतित है कि यदि पूर्ण रूप से BS6 वाहनों का उपयोग होने लगेगा तो उन पुरानी BS4 वाहनों का क्या होगा तो हम आपको बताते चलें कि Corona महामारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में यह कहा गया है की इसकी समय सीमा में बढ़ोतरी की जाएगी तथा इसके साथ ही साथ पुराने जो BS4 वाहन निर्मित होकर शोरूम में पहुंच चुके हैं उनकी बिक्री चालू रहेगी परंतु नए BS4 Engine के वाहन का निर्माण नहीं होगा ऐसे में यदि किसी के पास BS4 इंजन की कार है तो वह अपने Registration की Date तक चलाई जा सकेगी इसलिए वाहन स्वामियों को इससे ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।

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