Dark Web क्या है और कैसे चलाते हैं जानकारी हिंदी में

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Dark Web Kya Hota Hai | डार्क वेब कैसे चलाते हैं | टोर ब्राउज़र को कैसे डाउनलोड करें | Dark Web Search Engine | डार्क वेब कितने भागों में बांट सकते हैं

इंटरनेट का एक स्वरूप हम देखते हैं जिसमें गूगल, याहू, फेसबुक, ट्विटर और अन्य अनगिनत वेबसाइटें होती है जिसे हर कोई खोल सकता है। लेकिन इंटरनेट में एक दुनिया और बसी है जिसे Dark Web कहते हैं।लगभग दस साल पहले शुरू की गई यह सेवा अब अपराधियों के लिए सुरक्षित आश्रय बन गई है.तकनीक जगत के कई लोग इसे साइबर जगत का अंडरवर्ल्ड भी कहने लगे हैं।तकनीक कभी ग़लत नहीं होती है. ये इस पर निर्भर करता है कि आप इसका उपयोग कैसे करते हैं?अगर इसे सुरक्षित बनाकर कानूनी रूप से इसका उपयोग किया जाता, तो ये एक उपयोगी सेवा साबित होती।

डार्क वेब क्या है

डार्क वेब इंटरनेट की एक अंधेरी दुनिया है जहां आम इंटरनेट यूजर्स का पहुंचना मुश्किल है। इसमें बहुत अहम जानकारियां होती हैं और इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि बैंकिंग और सुरक्षा से लेकर कई अहम जानकारियों से लैस इंटरनेट के लिए डीप वेब एक बड़ा ख़तरा बनकर उभरा है।डीप या Dark Web हमें सार्वजनिक तौर पर दिखने वाले इंटरनेट से लगभग 96% बड़ा हो सकता है।टॉर के ज़रिए डार्क वेब तक लोग पहुंचते हैं. इसे रक्षा सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाता था, लेकिन जैसा ज़्यादातर इसे वो लोग भी इस्तेमाल करने लगे जिन्हें यहां नहीं होना चाहिए था. साइबर अपराधी तमाम ग़ैर कानूनी गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल करने लगे।सरकारी या ग़ैरसरकारी जासूसी, ड्रग्स बेचने से लेकर पॉर्न का कारोबार और मानव तस्करी तक, सब कुछ इंटरनेट की इस काली दुनिया में खुले आम होता है।

Dark Web

इंटरनेट की इस दुनिया को हम तीन भागों में बांट सकते हैं –

सर्फेस वेब

         जैसा इसके नाम से ही साफ है, सर्फेस वेब इंटरनेट की बाहरी सतह की तरह है। आमतौर पर हम इंटरनेट की जो दुनिया देखते हैं, वह सर्फेस वेब ही है। समाचार से लेकर वीडियो देखने की सुविधा देने वाली तमाम वेबसाइट इसी पर दिखती हैं।इंटरनेट एक्सप्लोरर, गूगल क्रोम और मोजिला फायरफॉक्स जैसे विभिन्न ब्राउजर की मदद से इन सभी वेबसाइट को आसानी से खोजा और देखा जा सकता है। इस पर जो कुछ भी लिखा है, वह भी आसानी से सर्च इंजन की मदद से खोजा भी जा सकता है। यही कारण है कि आप किसी समाचार की शीर्षक या उसके अंदर की कुछ पंक्तियां लिखकर उसके सोर्स तक पहुंच जाते हैं। और आसानी से सारी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

Dark Web क्या है

डीप वेब

सर्फेस वेब के बाद डीप वेब का नंबर आता है। सुनकर अजीब लग सकता है, लेकिन डीप वेब तक भी हम सबकी आसान पहुंच है। दरअसल ईमेल लॉग इन करने के बाद इंटरनेट की जो दुनिया खुलती है, वह डीप वेब कहलाती है। निसंदेह इंटरनेट के इस हिस्से में भी अथाह डाटा छिपा हुआ है, लेकिन उसे सर्च इंजन की मदद से खोजा नहीं जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, आपके ईमेल में क्या है, इसका पता ईमेल खोलने के बाद ही लग सकता है। किसी भी अन्य माध्यम से वहां तक पहुंच ना संभव नहीं है। बैंकिंग लॉग इन से लेकर अन्य इसी तरह के लॉग इन डीप वेब की श्रेणी में ही आते हैं। यहां यह भी ध्यान देने की बात है कि कुछ लोग डीप वेब और डार्क वेब को एक समझते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है यह दोनों अलग-अलग है।

डार्क वेब

दोस्तों डार्क वेब के नाम से ही जाहिर है कि यह इंटरनेट की काली दुनिया है। इसे अंधेरी दुनिया या डार्क वेब इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां तक पहुंच ना सबके लिए संभव नहीं है। इंटरनेट के इस हिस्से तक पहुंचने के लिए खास रास्ते अपनाने पड़ते हैं। सबसे अहम बात यह है कि गूगल क्रोम, इंटरनेट एक्सप्लोरर और फायरफोक्स जैसे ब्राउजर डार्क वेब पर मौजूद वेबसाइट नहीं खोलते हैं। इन वेबसाइट को खोलने के लिए टोर या कुछ अन्य ब्राउजर की मदद लेनी होती है। इसके अलावा भी इन वेबसाइट तक पहुंचने के लिए कई तरह की जानकारियों की जरूरत पड़ती है।

Dark Web की विशेषता

  • डार्क वेब का इस्तेमाल आमतौर पर हैकर करते हैं। यहां चुराए गए डाटा की खरीदफरोख्त होती है। कई अपराधों को अंजाम दिया जाता है। बहुत कुछ जो सर्फेस वेब पर प्रतिबंधित है, यहां मिल जाता है।
  • कुछ पत्रकार और खुफिया एजेंसियां भी इनका इस्तेमाल करती हैं।
  • गोपनीय जानकारियों के आदान-प्रदान में इन्हें भरोसेमंद माना जाता है। सामान्य यूजर को इनसे दूर रहने की सलाह दी जाती है।
  • तकनीकी जानकारी की जरा सी कमी यहां आने वाले को बड़े आपराधिक जाल में फंसा सकती है। सामान्य  यूजेस  को इससे दूर रहने में ही भलाई है।

वीपीएन का उपयोग ज़रूर करें

  आपको अपनी गुमनामी और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। वह भी तब जब आप डार्क वेब का उपयोग कर रहे हों।अपने लिए एक बढ़िया VPN सेवा चुनें। यदि आप दो का उपयोग नहीं कर रहे हैं।तो आपको एक VPN सेवा का उपयोग करना चाहिए। वीपीएन एक ऐसी रक्षा प्रणाली है जो आपकी पहचान और लोकेशन को गुप्त रखती है इसलिए इसका उपयोग करना और भी जरूरी हो जाता है।

डार्क नेट मार्केट

जो इंडस्ट्रीज डार्क वेब में ही ऑपरेट होती हैं उन्हें ही बात मार्केट कहा जाता है। इस मार्केट में बहुत सारे इलीगल प्रोडक्ट की कालाबाजारी भी होती है। जैसे गवर्नमेंट के सेक्रेट्स डिफेंस सेक्रेट्स चाइल्ड ट्रैफिकिंग आदि। यह सभी वह कार्य होते हैं जिनका गवर्नमेंट और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज विरोध करती है। वही मार्केट में आप क्रेडिट कार्ड नंबर भी खरीद सकते हैं सभी प्रकार के ड्रग्स, चोरी की गई subscription credentials, hack Netflix account और सॉफ्टवेर जो किसी के कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने के लिए आपकी कर सकते हैं।

Dark Web कैसे चलाएं और टोर ब्राउज़र को कैसे डाउनलोड करें?

इसके लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास एक लैपटॉप या कंप्यूटर हो और हाई स्पीड इंटरनेट होना जरूरी है।

  • सबसे पहले, आपको अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में अपनी आधिकारिक वेबसाइट से टोर ब्राउजर डाउनलोड करना होगा। आप इस लिंक से कर सकते हैं।
Dark Web कैसे चलाएं
  • डाउनलोड करने के बाद टोर ब्राउजर को इनस्टॉल करें। फिर इसे खोलें, और कनेक्ट बटन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद कनेक्ट बटन पर क्लिक करने के बाद, कुछ समय की प्रक्रिया होगी, फिर यह आपको टोर सरवर से जोड़ देगा, और आपका लोकल आईपी ऐड्रेस बदल जाएगा
  • इसके बाद कनेक्ट हो जाएगा आपका टोर ब्राउजर खुल जाएगा, और यदि आप अपने नेटवर्क की सेटिंग देखना चाहते हैं कि आपका आईपी बदल गया है या नहीं, तो टेस्ट करने के लिए टोर नेटवर्क सेटिंग पर जाकर चेक कर सकते हैं।
  • यहां पर आपको अपना नया आईपी देखने को मिलेगा जिससे आप गुप्त सर्फिंग का उपयोग कर कर सकते हैं।
  • अब आपका टोर ब्राउज़र तैयार है, आप इसमें डार्क वेब सर्फ कर सकते हैं। डार्क वेब पर .onion साइटों को सर्फ करने के लिए, आपको उनका ‘यू आर एल’ पता होना चाहिए, उसके बाद ही आप उन वेबसाइटों पर जा सकते हैं और इंटरनेट की काली दुनिया का हिस्सा बन सकते हैं।

डार्क वेब केसे काम करता है

हमारी यूजफुल वेबसाइट के मुकाबले डार्क वेब के काम करने का तरीका पूरी तरह से अलग होता है। इन डार्क वेब वेबसाइट को कोई भी आसानी से एक्सेस नहीं कर सकता है। गूगल क्रोम, मोज़िला फायरफॉक्स आदि नॉर्मल वेबसाइट की मदद से हम इन वेबसाइट तक नहीं पहुंच सकते हैं। इन वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए हमें एक स्पेशल वेब ब्राउज़र की आवश्यकता पड़ती है जिसे Tor कहा जाता है। वैसे तो इस स्पेशल वेब ब्राउज़र की मदद इसे खोलना बहुत ही आसान होता है  केवल लॉगिन कर एंटर करना। नहीं आपको इसमें एंटर करने के लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।

1- सबसे पहली चीज़, आपको एक secured VPN service की जरुरत होगी जो की आपके identity को दूसरों से सुरक्षित रखे। इसलिए अपने आपको और अपने डेटा  को secure रखने के लिए एक secured VPN service का इस्तमाल जरूर करे जैसे की आप चाहे तो Nord VPN, Strong VPN, HideMyIP, Cactus VPN, Kepard VPN और HideIPVPN का इस्तमाल कर सकते हैं।

2- आपको Tor Web Browser को डाउनलोड करना है जिससे की आप डार्क वेब में सुरक्षित और secure लागिन कर सकें। Tor Web Browser को हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट से ही डाउनलोड करें।

3- एक बार आपने securely Tor web बाराउbrowser को install कर लें, फिर आपको सभी apps और programms को बंद कर देना चाहिए जिससे की आप आसानी से dark web में crawl कर सकें.

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