हस्तरेखा (Hast Rekha Gyan) ज्ञान- हाथ की रेखाएं कैसे पढ़ें जाने आसान तरीका

Hast Rekha Gyan Kya Hoti Hai और हाथ की रेखाएं कैसे पढ़ें एवं हस्तरेखा का इतिहास क्या है व इसे देखने का तरीका क्या है जाने हिंदी में

जब भी हमें अपने भविष्य या फिर होने वाली घटनाओं से रूबरू होना होता है या अक्सर ही हम देखते हैं कि अपनी जीवनशैली में बहुत सी ऐसी घटनाओं से संबंध होता है जोकि आपके जीवन में घट चुकी है या फिर घटने वाली है उन सभी का सीधा संबंध आपके हाथों की हस्त रेखाओं से होता है और इन सभी चीजों का ज्ञान ज्योतिषी शास्त्र के अंतर्गत पाया जाता है एक ज्योतिष जो कि हस्तरेखा विशेषज्ञ(Hast Rekha Specialist) होता है वही आपकी जीवन की सभी घटना चक्र को आपके सामने लाकर रख देता है वह भी आपके हाथों की लकीरों के द्वारा आप अक्सर अपने हाथों में बहुत से लकीरे देखते होंगे परंतु उनके बारे में आपको एक ज्योतिषी विशेषज्ञ ही बता सकता है तो आइए आज हम हस्त रेखा(Hast Rekha ) ज्ञान के बारे में आपको विस्तृत तौर पर बताते हैं।

Hast Rekha Gyan Kya Hoti Hai?

अक्सर ही जब हम अपने भविष्य तथा अपने बीते हुए कल की जानकारियां हासिल करना होता है तो उसके लिए हम किसी ज्योतिषी के पास जाते हैं और आपने देखा होगा कि वह हमारे हाथों को देखकर तथा उनकी लकीरों की समीक्षा कर कर हमारे भूत भविष्य के बारे में संपूर्ण जानकारियां प्रदान कर देते हैं ऐसे ही विधि को हम हस्तरेखा(Hast Rekha ) बोलते हैं जो कि किसी ज्योतिषी के द्वारा देखी जाती है आपको बताते चलें कि हमारे हाथों की लकीरों का संबंध हमारे जीवन से जुड़ा हुआ होता है और हमारे जीवन में जो भी कुछ होने वाला होता है वह सब पहले से ही हाथों की लकीरों के द्वारा पता चल जाता है परंतु इसको देखने के लिए एक ज्योतिषी विशेषज्ञ का होना जरूरी होता है।

हस्तरेखा

हस्तरेखा का इतिहास क्या है?

यदि हस्तरेखा(Hastrekha) के क्षेत्र में ज्योतिषी की बात की जाए तो विश्व के सबसे बड़े जो ज्योतिषाचार्य थे वह कीरो (Cheiro) थे जिन्हें हस्त रेखा ज्योतिषी का जनक भी कहा जाता है। यदि भारत की बात की जाए तो आपको ज्यादातर भारत में जितने भी ज्योतिषीय शास्त्र की किताबें मिलेंगे वह सभी Cheiro के द्वारा ही लिखी गई है इसी के साथ आपको बताते चलें कि ज्योतिष की गणना पहले वैज्ञानिक तौर पर की जाती थी जो कि कीरो ने ही शुरुआत की थी और आज वर्तमान समय में भारत के जितने भी बड़े ज्योतिषाचार्य रहे हैं वह सभी इन्हे ही अपना गुरु मानते हैं।

हस्तरेखा(Hast rekha) देखने का तरीका

Hast Rekha के द्वारा ही किसी भी व्यक्ति के भूत तथा भविष्य कल्पना की जाती है जो कि एक अनुमान के तौर पर होती है यही नहीं हमारे हाथों की उंगलियां ही स्पष्ट तौर पर ज्योतिषी को सब बता देती हैं परंतु नए व्यक्ति इसे पहचान नहीं पाते हस्त रेखाओं को देखने का तरीका हम निम्नलिखित बताने जा रहे हैं तो आइए कुछ महत्वपूर्ण हस्त रेखाओं को आपसे रूबरू कराते हैं।

हृदय रेखा(Heart Line)

इस रेखा की शुरुआत आपके हाथ की सबसे छोटी उंगली कनिष्का से शुरू होकर तर्जनी तक होकर जाती है जिससे व्यक्ति के स्वभाव का पता चलता है इस रेखा के द्वारा ही व्यक्ति का स्वभाव कैसा है तथा वह किस प्रवृत्ति का इंसान है यह पता लगाया जा सकता है व्यक्ति भावनात्मक स्वभाव गुड चिड़चिड़ापन कोमल हृदय सामाजिक जिंदादिल इंसान व्यवहारी का ज्ञान होता है ह्रदय रेखा की सबसे बड़ी खास बात यह है कि आज इतनी ही लंबी होती है व्यक्ति उतना ही अच्छे स्वभाव का होता है परंतु यदि यह छोटी है तो व्यक्ति चिड़चिड़ा गुस्सैल प्रगति का माना जाता है और ऐसे में व्यक्ति की सोच भी काफी छोटी होती है।

भाग्य रेखा (Faith Line)

जैसा कि हम जानते हैं की हथेली की जो नीचे के स्थान होता है वहां मणीबंद होता है और यह भाग्य रेखा मध्यमा और अनामिका के बीच से होते हुए हथेली की तरफ जाती है ऐसा भी कहा जाता है कि Faith Line हर व्यक्ति के हाथ में नहीं होती परंतु जिसके हाथ में होती है उसे कभी भी संघर्ष नहीं करना पड़ता और वह सिर्फ ही सफलता भी प्राप्त कर लेता है परंतु जिसके हाथ में भाग्य रेखा हल्की होती है उसे अपनी जिंदगी में थोड़ा चुनौतियों से सामना करना पड़ता है

और मेहनत भी करनी पड़ती है और कभी-कभी यह भी देखने को मिलता है कि बहुत से लोग हैं जिनके हाथ में भाग रेखा नहीं होती तो उन्हें सारी जिंदगी संघर्षपूर्ण बितानी होती है और बहुत ज्यादा मेहनत करनी होती यदि भाग्य रेखा चंद्र क्षेत्र से होकर गुजरती है तो उस व्यक्ति को लोगों के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है।

मस्तिष्क रेखा(Mind Line)

हस्तरेखा में सबसे महत्वपूर्ण रेखा में से एक मस्तिष्क रेखा होती है जिसकी शुरुआत तर्जनी उंगली से होकर बाहर के किनारे की तरफ होती है यदि किसी व्यक्ति के हाथ में है दिमाग का होता है इसके साथ होती है ये भाग्य से ज्यादा मेहनत पर निर्भर होता है और जितनी बड़ी मस्तिष्क रेखा होती है व्यक्ति का मानसिक संतुलन उतना ही ज्यादा मजबूत होता है परंतु यदि मैं Mind Line छोटी होती है तो व्यक्ति छोटी सोच का होता है और वह किसी भी प्रकार की कोई मेहनत ना कर के सब भाग्य पर छोड़ देता है और वह बेवजहकी बातों के साथ गलत फैसले भी लेने लगता है। ऐसे में यह भी देखने को मिलता है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ने लगती है उनका मानसिक संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाता है।

विवाह रेखा(Marriage Line)

विवाह रेखा की पहचान हाथों के उंगली में से कनिष्ठा उंगली के नीचे छोटी छोटी रेखाओं के रूप में होती है इस रेखा से यह पता चलता है कि आपका वैवाहिक जीवन कैसा होगा ऐसे में इस रेखा की लंबाई जितनी ही लंबी और गहरी होगी वैवाहिक जीवन उतना ही ज्यादा सफल माना जाएगा यदि दोनों ही हाथों में एक प्रकार की रेखाएं हैं तो इससे यह जाना जाता है कि वैवाहिक जीवन बहुत सुगम और शांति से चलेगा परंतु रेखाएं टूटी फूटी हैं तो इससे मतभेद होने की संभावना बनी रहती है और ऐसे में यह भी कहा जाता है की वैवाहिक जीवन बहुत दिनों तक नहीं टिक पाता है। इसके साथ ही साथ यदि इस रेखा को स्पष्टता के साथ देखा जाता है तो यह रिश्ते को और भी ज्यादा मजबूत बनाती है।

संतान रेखा(Child Line)

व्यक्ति के जीवन में विवाह के बाद सबसे महत्वपूर्ण जो रेखा होती है वह संतान रेखा होती है क्योंकि हर व्यक्ति विवाह के बाद संतान की प्राप्ति चाहता है ऐसे में संतान की जो रेखा होती है वह विवाह रेखा(Marriage Line) के ठीक ऊपर की तरफ जाते ही प्रतीत होते हैं जितनी ही रेखाएं होती है उतनी ही संतान की प्राप्ति होती है यदि रेखा सीधी है तो पुत्र की प्राप्ति होने का अनुमान होता है वही यदि यह टेढ़ी-मेढ़ी होती है तो पुत्री की प्राप्ति होती है यह भी कहा जाता है कि जितने ही ज्यादा स्पष्ट रेखा होती है

संतान के साथ अच्छे बर्ताव तथा अच्छे संबंध की निशानी मानी जाती है वहीं यह स्पष्ट नहीं होने पर संतान से सुख की प्राप्ति नहीं हो पाती है। कभी-कभी यह भी देखने को मिला है कि एक रेखा स्पष्ट होती है तथा अन्य रेखाएं स्पष्ट होती हैं तो ऐसे में जीवन में एक संतान से ज्यादा प्रेम और लगाव होता है तथा अन्य से कम होता है।

विद्या रेखा(Learning Line)

इस रेखा की शुरुआत अनामिका और मध्यमा से होकर गुजरती है तथा इसका झुकाओ अनामिका उंगली की तरफ होता है यह भी कहा जाता है कि यदि यह रेखा स्पष्ट रहती है तो जीवन में पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ सफलता भी अर्जित की जाती है तथा व्यक्ति जितना भी निर्धन होगा परंतु उसे शिक्षा पूरी तरीके से प्राप्त होगी तथा वह बुद्धिमान और मेहनती बनेगा वहीं यह रेखा स्पष्ट होगी तो चाहे जितना भी अमीर हो जाए उसका पढ़ाई लिखाई में बिल्कुल भी मन नहीं लगेगा और वह बुद्धिमान भी नहीं हो पाएगा।

यात्रा रेखा(Travel Line)

यदि हम यात्रा रेखा की बात करें तो यह हमारे हाथ की हथेली पर तीन स्थानों पर होती हैं जिनमें से पहला चंद्र क्षेत्र दूसरा मणिबंध क्षेत्र से प्रारंभ होकर ऊपर की ओर जाते हैं तथा तीसरी जो जीवन रेखा से होते हुए निकल पर और उसी के साथ जाती है ऐसे में यह देखा जाता है कि तीनों ही जगह पर जब Travel Line स्पष्ट तौर पर होती हैं तो यात्रा में वृद्धि होने का अनुमान होता है और रेखा जो होती है वह भाग्य रेखा से मिलकर अधिक गहरी हो जाती है तो ऐसे में यह प्रतीत होता है कि यात्रा के साथ ही साथ भाग में भी उन्नति होने का आसार है।

स्वास्थ रेखा(Health Line)

स्वास्थ रेखा की पहचान जय होती है कि वह हाथों की उंगली में से सबसे छोटी कनिष्का उंगली से निकलकर नीचे की तरफ जाती है ऐसे में या स्पष्ट होने पर पता चलता है कि व्यक्ति का स्वास्थ्य हमेशा सही रहेगा उसे किसी भी प्रकार का रोग अथवा मारी जल्दी नहीं पकड़ने वाले परंतु आई स्पष्ट रहने पर या हमेशा ही बीमारी से ग्रस्त रहेगा और अंत में इसके मिट्टी भी किसी बीमारी से हो जाएगी।

हस्तरेखा

हस्तरेखा से संबंधित कुछ विशेष जानकारी

उपरोक्त हमने कुछ महत्वपूर्ण हस्त रेखाओं के बारे में आपको जानकारी प्रदान के लिए निम्नलिखित उससे संबंधित कुछ विशेष जानकारी बताने जा रहे हैं जो कि आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

  • ज्योतिषी के अनुसार या माना जाता है कि पुरुषों के लिए दाएं हाथ तथा महिलाओं के लिए बाएं हाथ की रेखाएं देखनी चाहिए।
  • Hastrekha देखने का एक निश्चित समय होता है खासकर कर प्रातः काल में इसे बिल्कुल नहीं देखना चाहिए यह अपशकुन माना जाता है।
  • Hastrekha देखने के लिए शाम का समय निर्धारित किया जाता है परंतु इससे दोपहर और रात में बिल्कुल नहीं देखना चाहिए।
  • यदि आप अपने हस्त रेखाओं को किसी ज्योतिषाचार्य को दिखाने जा रहे हैं तो सबसे पहले आपको अपने अंदर के मन को शांत रखना होगा तथा ठंडे दिमाग से जाना होगा क्योंकि ऐसे में आपके मन के अंदर उथल-पुथल आपकी रेखाओं को देखने में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।
  • खाना खाने के फौरन बाद या किसी भी भारी वस्तु को उठाना या मेहनत वाला कार्य करने के फौरन बाद हस्तरेखा को नहीं दिखाना चाहिए क्योंकि ऐसे में आपके खून की रफ्तार तेज हो जाती है और रेखाएं स्पष्ट नहीं पता चल पाती है।

Conclusion:निष्कर्ष

जैसा कि आज आपको हमने ज्योतिषी विज्ञान से संबंधित हस्तरेखा देखने का तरीका बताया है तथा उन महत्वपूर्ण हस्त रेखाओं के बारे में भी बताया है जो कि आपके हाथों की लकीरों से देखी जा सकती है इसके साथ ही साथ हमने Hastrekha से संबंधित कुछ विशेष जानकारियों को भी आपके सामने प्रस्तुत किया है ऐसे में यदि आप स्वयं के द्वारा हस्तरेखा देखना चाहते हैं तो आप आसानी से देख सकते हैं हम आशा करते हैं कि यह Article आपको काफी ज्यादा पसंद आया होगा।

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