सिविल इंजीनियरिंग क्या है- Civil Engineer कैसे बने, योग्यता, कोर्स की डिटेल हिंदी में

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Civil Engineer Kya Hai | सिविल इंजीनियर कैसे बने | सिविल इंजीनियरिंग करने का तरीका क्या है | सिविल इंजीनियरिंग कोर्स की डिटेल

दोस्तों आज हम आपको सिविल  इंजीनियरिंग के बारे में बता रहे हैं  प्रोफेशन चुनना हर एक व्यक्ति के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है परंतु कुछ लोगों को यह पहले से ही पता होता है कि उन्हें आगे जाकर क्या करना है। सिविल इंजीनियरिंग करने के लिए छात्रों को 10वीं एवं 12वीं के बाद ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम आपको बताएंगे कि सिविल इंजीनियरिंग क्या है। और  आप यह भी जान पाएंगे कि एक सफल सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको किस प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा। इस आर्टिकल के जरिए से हमने सिविल इंजीनियरिंग एवं सिविल इंजीनियरिंग करने के लिए कॉलेज के नाम दिए हैं। आर्टिकल को अंत तक पड़े ताकि आप सिविल इंजीनियर की प्रतिमाह सैलरी जान भी जान पाएँ। 

Civil Engineering Kya Hai?

सिविल इंजीनियर इंजीनियरिंग प्रोफेशन की एक शाखा है। एक नियमित कोर्स करने के बाद ही आप प्रोफेशनल सिविल इंजीनियर बन सकते हैं। सिविल इंजीनियरिंग में बिल्डिंग, घर, सड़क, बाँध, नहर, एयरपोर्ट के डिज़ाइन, निर्माण और मेंटेनेंस के बारे में सिखाया एवं बताया जाता है। सिविल इंजीनियरिंग के द्वारा व्यक्ति जान पाएगा कि एक खाली प्लॉट पर घर एवं बिल्डिंग कैसे बना सकते हैं। इस कोर्स के अंतर्गत आप यह भी सीखेंगे कि घर का डिज़ाइन कैसा होगा, कितने कमरे होंगे, बाथरूम, किचन और हाल कहाँ पर होगा। सिविल इंजीनियरिंग में आप बिल्डिंग डिजाइनिंग के बारे में भी काफी मात्रा में चीजें सीख पाएंगे। बिल्डिंग बनाने की शुरुआत से अंत तक की सारी प्रक्रिया सिविल इंजीनियरिंग में सिखाई जाती है। किसी ने बिल्डिंग के निर्माण में सिविल इंजीनियर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण रोल होता है। मटेरियल जैसे ईंट, सीमेंट, बालू, सरिया इत्यादि के बारे में भी सभी जानकारी सिविल इंजीनियर को होनी चाहिए। डैम, नहर, स्टेडियम, शॉपिंग माल्स, रोड, पाइपलाइन आदि चीजें भी सिविल इंजीनियर ही बनाता है। सिविल इंजीनियर सरकारी एवं गैर सरकारी निर्माण के कार्यों की रूपरेखा बनाते हैं। घर का नक्शा भी सिविल इंजीनियर ही बना कर देते हैं जो कि बाद में आपको नगर निगम से पास कराना पड़ता है इसलिए सिविल इंजीनियरिंग को इंजीनियरिंग की सबसे महत्वपूर्ण शाखा भी कहा जाता है। 

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सिविल इंजीनियरिंग करने के लिए कोर्स लिस्ट

अगर आपको सिविल इंजीनियरिंग करनी है तो आप कई सारे कोर्स इसमें से अपना पसंदीदा कोर्स चुन सकते हैं। नीचे दिए गए लिस्ट में सिविल इंजीनियरिंग के बहुत से  कोर्स है इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं। आप इनमें से किसी भी कोर्स को लेकर सिविल इंजीनियर बन सकते हैं। 

  • B.Tech in Civil Engineering
  • B.E in Civil Engineering
  • B.Tech in Civil Engineering
  • Certificate course in Construction Supervisor
  • Certificate course in building design.
  • Diploma in Civil Engineering.
  • Graduation in Civil Engineering.
  • M.E in Civil Engineering.
  • Ph.D in Civil Engineering.
  • Post graduate diploma course in Construction and Infrastructure Project Management.
  • Post Graduate in Civil 
सिविल इंजीनियरिंग क्या है

सिविल इंजीनियरिंग करने की पात्रता क्या है?

सिविल इंजीनियर बनने से पहले आपको कई महत्वपूर्ण चीजों का ध्यान रखना पड़ेगा। सिविल इंजीनियरिंग की पात्रता नीचे दी गई है। 

सिविल इंजीनियरिंग करने का पहला विकल्प है कि दसवीं के बाद ही डिप्लोमा कोर्स कर लेना। 

  • यदि आपको दसवीं के बाद ही सिविल इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स करना है तो आप राज्य सरकार के टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड द्वारा होने वाले एंट्रेंस परीक्षा में बैठ सकते हैं। 
  • एंट्रेंस एग्जाम में मिलने वाले रैंकिंग के आधार पर छात्रों को चुना जाता है और फिर उन्हें एडमिशन मिलता है। 
  • अगर आप की रैंकिंग अच्छी हुई तो आपको किसी भी पॉलिटेक्निक कॉलेज में दसवीं के मार्कशीट के आधार पर एडमिशन मिल जाएगा। 
  • सफलतापूर्वक एडमिशन मिल जाने के बाद छात्र को 3 साल तक डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग कोर्स की पढ़ाई पढ़नी होगी।
  • इस पढ़ाई की पूरी होने के बाद आप किसी जॉब में जूनियर इंजीनियर के पद पर ज्वाइन कर सकते हैं। 
  • आप डिप्लोमा इंजीनियर बनने के बाद भी इंजीनियरिंग कॉलेज में डिग्री कोर्स कर सकते हैं।
  • इसके लिए आपको डिग्री कॉलेज में सेकंड ईयर में एडमिशन लेना पड़ता है। 

सिविल इंजीनियर बनने का दूसरा विकल्प है 12वीं के बाद सिविल इंजीनियरिंग का डिग्री कोर्स करना। 

  • सबसे पहले तो आपको 12वीं साइंस साइड से पास करनी पड़ेगी।
  • 12वीं पास करने के बाद आपको आईआईटी एंटरेंस एग्जामिनेशन देना पड़ेगा।
  • अगर आपकी एंट्रेंस एग्जाम में अच्छी रैंकिंग आई है तो आपको किसी भी अच्छे कॉलेज में BE में एडमिशन मिल जाएगा।
  • एडमिशन मिलने के बाद आपको 4 साल तक अपना डिग्री प्रोग्राम पूरा करना है। 
  • सफलतापूर्वक सिविल इंजीनियरिंग का डिग्री कोर्स पूरा कर लेने के बाद सरकारी, सह-सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में जाके इंजीनियर के पद पर जॉब ज्वाइन कर सकते हैं।
  • इसके अलावा कंबाइंड इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम में पास कर के भारतीय सरकार के टेक्निकल पोस्ट में नौकरी ले सकते हैं। 
Civil Engineer Kaise Kare

सिविल इंजीनियरिंग कोर्स कहां से कर सकते हैं?

आज के समय में भारत में कई सारे कॉलेज है जो कि सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स छात्रों को प्रदान हैं परंतु कुछ ही ऐसे कॉलेज हैं जो कि नियमित रूप से सारी शिक्षा प्रदान कर पाते हैं। सिविल इंजीनियरिंग के महत्वपूर्ण कॉलेज की लिस्ट नीचे दी गई है। आप इनमें से किसी भी कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं।

  • किसी भी IIT (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी)
  • बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, बिट्स पिलानी राजस्थान
  • राजीव गाँधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, भोपाल
  • मालवा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, जयपुर
  • मोतीलाल नेहरु इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद
  • मनिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मनिपाल

सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होगी ? 

किसी भी प्रोफेशनल शाखा को चुनने से पहले व्यक्ति सभी चीजें देखता और परखता है। सिविल इंजीनियरिंग करने से पहले आपको भी सिविल इंजीनियरिंग की सैलरी के बारे में जरूरी जानकारी पता होनी चाहिए। नीचे सिविल इंजीनियरिंग की सैलरी के बारे में जानकारी दी गई है। 

  • अगर आप प्राइवेट सेक्टर में जॉब लेते हैं तो आपको शुरुआत में 25000 से 30000 रुपये तक महीना  मिल सकता है।
  • अनुभव हो जाने के बाद एक्सपीरियंस के आधार पर कम से कम एक लाख प्रति महीना बहुत आराम से किसी भी सिविल इंजीनियर को मिल सकता है।
  • आजकल के समय में सिविल इंजीनियर फ्रीलांसिंग भी कर पा रहे  हैं।
  • आप बड़े बड़े प्रोजेक्ट ठेके पर ले सकते हैं।
  • घरों का निर्माण सिविल इंजीनियर अलग से कर सकते हैं।
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सफल सिविल इंजीनियर बनने की प्रक्रिया?

एक सफल सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको इस प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा।

  • पहले सिविल इंजीनियरिंग के कोर्स में एडमिशन लेने के लिए आपको एंट्रेंस एग्जामिनेशन पार करना पड़ेगा। 
  • छात्रों को अपनी रैंक और  मार्क्स के आधार पर कॉलेज प्रदान किए जाते हैं। 
  • एडमिशन लेने की प्रक्रिया बहुत ही महत्वपूर्ण होती है।
  • अपना एडमिशन फॉर्म बिना किसी गलती के भरे और काउंसलिंग प्रक्रिया का ध्यानपूर्वक पालन करें। 
  • सफलतापूर्वक इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद आपको अपना डिप्लोमा एवं डिग्री सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा। 
  • डिग्री कोर्स 4 साल का होता है।
  • सफलतापूर्वक डिग्री लेने के बाद छात्रों को कॉलेजों में इंटर्नशिप दी जाती है। 
  • इस इंटर्नशिप को आप को सफलतापूर्वक पूरा करना होता है।
  • इंटर्नशिप पूरी करने के बाद आपको एक पक्की नौकरी मिल जाएगी। 
  • कुछ साल यह पक्की नौकरी करने के बाद आप सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
  • एक सफल सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई करना महत्वपूर्ण है। 
  • सर्टिफिकेट लेने के बाद आपको सिविल इंजीनियर लाइसेंस के लिए भी अप्लाई करना होगा।
  • लाइसेंस और सर्टिफिकेट लेने के बाद आप सफलतापूर्वक एक सफल सिविल इंजीनियर बन जाएंगे। 

तो दोस्तों आज हमने आपको सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के बारे में संपूर्ण जानकारी दी उम्मीद है कि आपको सिविल इंजीनियरिंग  के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल हो गई होगी।

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