नगर निगम क्या है- Nagar Nigam के प्रमुख कार्य, सदस्य योग्यता  व चुनाव प्रक्रिया

Nagar Nigam Kya Hai और नगर निगम के प्रमुख कार्य, सदस्य योग्यता  व चुनाव प्रक्रिया क्या होती है जाने सम्पूर्ण जानकारी हिंदी में

भारत देश में यदि देखा जाए तो अधिकतर आबादी जो है वह कृषि प्रधान है और गांवों में निवास करती हैं परंतु जो शहरी क्षेत्र है वह ग्रामीण क्षेत्रों से ज्यादा अत्यधिक विकसित और रोजगार के अवसर प्रदान करने वाला है ऐसे में शहरी क्षेत्रों को सरकार विकास की राह पर चलाने के लिए कई संगठनों का निर्माण करती है जिसके अंतर्गत उन क्षेत्रों का विकास किया जाता है उन्हीं में से नगर पंचायत,नगर पालिका और नगर निगम ये तीन ऐसे स्तर है जो स्थानीय प्रशासन के द्वारा विभाजित किए जाते हैं और जिस भी जिले की आबादी 10 लाख से अधिक हो जाती है वहां पर Nagar Nigam विकास कार्य करने के लिए व्यवस्थित होता है तो आज हम  Nagar Nigam के बारे में आपको इस लेख में विस्तार से बताने का कार्य करेंगे।

Nagar Nigam Kya Hai?

देश में 74 वें संविधान संशोधन के अंतर्गत शहरी स्थानीय निकाय को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया जिसे हम नगरपालिका के रूप में जानते हैं और यदि देखा जाए तो शहरी स्थानीय प्रशासन को हम तीन स्तर पर बांट देते हैं जिसमें नगर पंचायत,नगर पालिका और नगर निगम है और यदि बात Nagar Nigam की करें तो संविधान की नौवीं सूची में इसे विस्तार से परिभाषित भी किया गया जिसका गठन प्रत्यक्ष रूप से चुनाव के माध्यम से सदस्यों को चुना जाता है जो कि बाद में सभी सदस्य जो निर्वाचित हुए होते हैं

वह नगर निगम के मुख्य संचालक(महापौर) को चुनते हैं। यदि Nagar Nigam की व्यवस्था को देखें तो प्रत्येक 5 वर्ष पर चुनाव प्रक्रिया के द्वारा इसमें सदस्यों का बदलाव होता रहता है जो कि जनता के वोटों के द्वारा चुने जाते हैं और जीते हुए सदस्य ही नगर निगम का व्यापक रूप से गठन करने में अपना योगदान देते हैं।

Nagar Nigam

नगर निगम से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातें

यदि बात नगर निगम की कि जाए तो शहरी क्षेत्र के नगर पालिका में प्रशासन के सबसे ऊपरी स्तर को Nagar Nigam के नाम से जाना जाता है जो कि शहरी स्थानीय शासन के हिसाब से एक व्यवस्थित कानूनी नाम है इसके साथ ही आपको बताते चलें कि शहरी क्षेत्र यदि 10 लाख से अधिक जनसंख्या की आबादी वाला क्षेत्र है तो उसे Nagar Nigam का क्षेत्र घोषित कर दिया जाता है और वही इससे छोटे स्तर के जो शहरी क्षेत्र होते हैं उन्हें नगर पालिका और सबसे छोटे स्तर के जो क्षेत्र होते हैं जिनकी जनसंख्या बहुत ही कम होती है नगर पंचायत के नाम से जाने जाते हैं यदि वर्तमान समय में देखा जाए तो जितने भी महानगर अथवा मेट्रो सिटी हैं वह सभी नगर निगम है क्योंकि वहां की जो जनसंख्या है वह अधिकतर 10 लाख से अधिक होती है।

नगर निगम का कार्य क्या होता है?

यदि शहरी क्षेत्र के विकास कार्य को लेकर Nagar Nigam की कार्यशैली की बात की है तो क्षेत्र के नागरिकों को प्रभावी और बेहतर तौर पर सुविधाएं उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश होता है जिसके अंतर्गत नगर निगम House Tax,Water Tax,सफाई कर आदि कर के रूप में लेता भी है और वही सुविधाओं के तौर पर आपको Birth Certificate,Death Certificate आदि सेवाएं भी मुहैया कराता है, परंतु इसके कार्यक्षेत्र को विस्तार से जानना चाहते हैं तो निम्नलिखित हम आपको Municipal Citizen Charter के अंतर्गत नगर निगम के कार्य बताने जा रहे हैं।

नगरपालिका नागरिक अधिकार पत्र(Municipal Citizen Charter)

  • शहर में सार्वजनिक सड़कों एवं नालियों की सफाई का कार्य       
  • शहर के अंदर जितने भी सार्वजनिक शौचालय मूत्रालय हैं उनकी सफाई एवं रखरखाव का कार्य
  • शहर की आबादी का जितना भी कूड़ा है उसे एकत्रीकरण एवं परिवहन और निस्तारण का कार्य
  • शहरी आबादी के अंतर्गत जितने भी मृत पशु हैं उनके शवों का निस्तारण करने का कार्य
  • अपने शहर को किस प्रकार से स्वच्छ रखा जाए उसके लिए सभी उपाय एवं प्रबंधन का कार्य
  • शहर की आबादी के गंदे जल का कानिस्तारण का कार्य
  • शहर के लोगों का जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण करना और उन्हें उसका प्रमाण पत्र सौपना
  • शवों का निस्तारण हेतु निर्धारित स्थानों का विनिमय करना
  • शहर के अंदर किसी भी प्रकार का कोई संक्रमण रोग ना पहले उसके रोकथाम का उपाय
  • शहरी क्षेत्र के अंदर कोई भी हानिकारक व्यवसाय ना चालू हो उस पर नियंत्रण करने का कार्य
  • शहर में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने का कार्य
  • यदि कोई परिवार पालतू कुत्ता रखना चाहता है तो उसे लाइसेंस प्रदान करने का कार्य
  • शहरी क्षेत्र में लोगों के घरों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करने का कार्य
  • किसी भी गैर घरेलू कार्यों हेतु जलापूर्ति करने का कार्य
  • शहर के अंतर्गत जलकल का संचालन एवं उसका रखरखाव
  • जलकल की आपूर्ति करने से संबंधित राजस्व संग्रह करने का कार्य
  • शहरी क्षेत्रों की सड़कों का निर्माण और उनकी मरम्मत करने का कार्य
  • यदि क्षेत्र में जलभराव और गड्ढे हो गए हैं तो उनकी मरम्मत और पैच रिपेयर का कार्य
  • पुरानी सड़कों का सुधार एवं चौड़ीकरण करने का कार्य
  • यदि कोई निजी सड़क का निर्माण करना चाहता है तो उसे स्वीकृति देने का कार्य
  • शहरों में सड़क के किनारे फुटपाथ का निर्माण रखरखाव एवं मरम्मत करने का कार्य
  • शहर के अंतर्गत सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार के अवरोधों को हटाने का कार्य
  • शहर की नाले और नालियों का निर्माण करना और उनकी मरम्मत करने का कार्य
  • शहरी क्षेत्र के सभी नालों की सफाई का कार्य
  • यदि क्षेत्र में किसी प्रकार की जल निकासी में दिक्कत आ रही है तो उसे दूर करने का कार्य
  • जल निकासी करने के लिए पंप की स्थापना करना और उसका संचालन का कार्य
  • शहर के अंदर सार्वजनिक मार्ग सड़क गलियां नाले नालियों पर यदि किसी के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है तो उसे हटाने का कार्य
  • नगर निगम की संपत्ति स्थान एवं भूमि पर यदि किसी के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है तो उसे हटाने का कार्य
  • शहर में पर्यावरण संरक्षण का कार्य
  • शहर में पार्किंग स्थलों का विनिमय करने का कार्य
  • शहर के जितने भी पार्किंग स्थल है उन्हें ठेके पर देखकर पार्किंग का विनिमय और नियंत्रण करने का कार्य

नगर निगम(Nagar Nigam)का गठन व चुनाव प्रक्रिया की जानकारी

किसी भी शहर में उसके विकास कार्यों को Nagar Nigam के द्वारा ही किया जाता है और उस नगर निगम का गठन चुनाव प्रक्रिया के द्वारा ही संभव हो पाता है तो आइए इसके बाबत भी आपको हम कुछ जानकारी प्रदान करते हैं।

  • किसी भी शहर में नगर पालिका व्यवस्था के अंतर्गत नगर निगम का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से कराया जाता है
  • एक शहरी क्षेत्र को भिन्न-भिन्न भागों में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक वार्ड से चुनाव जीतकर एक जनप्रतिनिधि नियुक्त होता है
  • जीते हुए Wards के जनप्रतिनिधि को सभासद अथवा पार्षद कहते हैं
  • और सभी वार्डों के पार्षद अपनी सर्वसम्मति से Nagar Nigam का मुख्य संचालक महापौर अथवा मेयर का चुनाव करते हैं
  • महापौर का जो चुनाव होता है वह अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है
  • नगर पालिका समिति के अंतर्गत सभी सभासद और नियुक्त अध्यक्ष ही सम्मिलित होते हैं

नगर निगम(Nagar Nigam) चुनाव लड़ने के हेतु योग्यता क्या होनी चाहिए?

यदि आप Nagar Nigam के अंतर्गत सभासद अथवा पार्षद का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आपको हम निम्नलिखित उसकी योग्यता के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

  • जो भी व्यक्ति पार्षद अथवा सभासद का चुनाव लड़ना चाहता है वह मूल रूप से भारत का ही नागरिक होना चाहिए
  • यदि आयु सीमा की बात करें तो एक पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 21 साल की आयु किसी उम्मीदवार की होनी चाहिए
  • जिस भी क्षेत्र से वह चुनाव लड़ रहा है उसके निर्वाचक नामावली में उसका नाम दर्ज होना चाहिए
  • चुनाव लड़ने से पहले उम्मीदवार कभी भी किसी भी कारण से अयोग्य घोषित ना हुआ हो
  • किसी भी नगर निगम का कर्मचारी पार्षद अथवा सभासद का चुनाव नहीं लड़ सकता।

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