जी 7 समूह क्या है | G-7 शिखर सम्मेलन क्या करता है

जी 7 समूह क्या है | G7 के सदस्य देश कौन हैं | G-7 शिखर सम्मेलन क्या करता है | जी 7 समूह की चुनौतियां | G-7 की पूरी जानकारी हिंदी में

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G7 समूह क्या है | G-7 शिखर सम्मेलन क्या करता है | जी 7 समूह का क्या काम है | G7 के सदस्य देश कौन हैं | जी-7 शिखर सम्मेलन लिस्ट

दोस्तों आज का हमारा विषय है जी 7 समूह जैसे कि आप जानते हैं  पूरे विश्व में 195 के आसपास देश की संख्या है जिनमें से कुछ देशों की शुमार बड़े और शक्तिशाली देशों में की जाती है। और कुछ देशों की समाज विकसित तथा कुछ देशों की विकासशील देशों में की जाती है।यही सभी देश समय समय अपने विचारों का आदान-प्रदान तथा मुश्किल हालातों में एक दूसरे का साथ देते हैं और कई सम्मेलनों  का आयोजन करते हैं और मुश्किल समय में एक दूसरे के साथ खड़े होते हैं और इसी तरह G7 समूह के सदस्य समय समय पर मिलते हैं।क्या आप लोग G7 समूह के बारे में जानकारी रखते हैं? अगर नहीं तो आइए आज हम आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे कि जी 7 समूह क्या है अथवा  इसमें कितने सदस्य देश हैं?

G7 समूह क्या है?

ग्रुप ऑफ सेवन (जी 7) एक अंतरराष्ट्रीय अंतर सरकारी आर्थिक संगठन है जिसमें सात प्रमुख देश शामिल हैं: कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका, जो दुनिया में सबसे बड़ी आईएमएफ-उन्नत अर्थव्यवस्था हैं।2018 के अनुसार, इसमें शामिल सात देश वैश्विक निवल संपत्ति ($ 317 ट्रिलियन) का 58%  प्रतिनिधित्व करते हैं और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 46% से अधिक मामूली मूल्यों पर आधारित है, और 32% से अधिक वैश्विक है। क्रय शक्ति समानता पर आधारित जीडीपी [3] यूरोपीय संघ G7 के लिए एक आमंत्रित है।वार्षिक जी 7 शिखर सम्मेलन में इन 7 देशों के 7 प्रमुख-सरकार शामिल हैं।

 जी 7 समूह

दुनिया में कुल कितने देश है 

जी 7 समूह की स्थापना कब हुई?

G7 समूह की स्थापना 1975 में हुई थी। शुरुआत में इसमें सिर्फ छह सदस्य थे तो इसे जिसके नाम से पुकारा जाता था, वर्ष 1976 में कनाडा को इसका सदस्य बनाया और तब से इसके सदस्यों की संख्या 7 हो गई तो इसीलिए इसको G7 कहा जाता है।

G7 के सदस्य देश कौन हैं?

जी 7 समूह दुनिया के 7  सबसे बड़े विकसित और अर्थव्यवस्था वाले देशों का एक संगठन है जिसमें से

  • कनाडा
  • फ्रांस
  • ब्रिटेन
  • अमेरिका
  • जर्मनी
  • इटली
  • जापान
  • शामिल है और इन्हें ग्रुप ऑफ सेवन का भी नाम दिया जाता है।

जी 7 समूह का क्या काम है?

  • जी-7 देशों के मंत्री और नौकरशाह कुछ मामलों पर चर्चा करने के लिए हर साल मिलते हैं। हर सदस्य देश बारी-बारी से स्तंभों की अध्यक्षता करता है और वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है। इस प्रक्रिया का एक चक्र है जिसमें ऊर्जा नीति, जलवायु, परिवर्तन, एचआईवी एड्स और वैश्विक सुरक्षा जैसे कुछ विषयों पर चर्चा होती है जिन पर पिछले शिखर सम्मेलनों में चर्चा हुई थी। शिखर सम्मेलन के अंत में एक सूचना जारी की गई थी जिसमें सहमति वाले बिंदुओं का जिक्र हुआ था। इस सम्मेलन में। जी, 7 देशों के राष्ट्रीय प्रमुख यूरोपियन कमीशन और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष शामिल होते हैं।
  • G7 के यूरोपियन कमीशन के अध्यक्ष  जो स्वास्थ्य कारणों में इस बार सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे हैं, वह है तो़डनकर और उनकी जगह जो इस बार वर्तमान में अध्यक्ष का भाग ले रहे हैं, वह है डोनल टस्क शिखर सम्मेलन में अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस साल हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया गया है। और इस बार शिखर सम्मेलन में चर्चा का मुख्य विषय है असमानता के खिलाफ लड़ाई।
G-7 शिखर सम्मेलन

G7 का कितना प्रभाव हुआ है?

जी 7 समूह के द्वारा कई सफलता प्राप्त हुई हैं जिनमें से एड्स, टीवी और मलेरिया से लड़ने के लिए वैश्विक फंड की शुरुआत की थी। समूह का दावा है कि इस साल 2002 के बाद से अब तक 2.7 करोड़ लोगों की जान G7 द्वारा बचाई गई है।

जी 7 समूह की चुनौतियां

  • G7 समूह साल कई चुनौतियों से गुजरता है। पिछले साल कनाडा में हुए शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अन्य सदस्य देशों के साथ मतभेद हो गया था।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आरोप है कि दूसरे देश अमेरिका पर भारी आयात शुल्क लगा रहे हैं। पर्यावरण के मुद्दे पर भी उनको सदस्य देशों के साथ बड़ा मतभेद था।
  • G7 समूह की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कहा जाता है कि इसमें मौजूदा वैश्विक राजनीति और आर्थिक मुद्दों पर बात नहीं की जाती है।
  • कुछ वैश्विक अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जी-20 के कुछ देश 2050 तक G7 के कुछ सदस्य देशों को पीछे छोड़ देंगे।
  • भारत और ब्राजील जिस तेजी से अर्थव्यवस्था से इस समूह को चुनौती मिल रही है जो G7 का संभोग प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन इसका हिस्सा नहीं है।

चीन G-7 समूह में क्यों शामिल नहीं

 जी-7 इस समूह में चीन शामिल नहीं है जिसका मुख्य कारण है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और प्रति व्यक्ति आय संपत्ति G7 समूह देशों के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए चीन को उन्नत और विकसित अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता है। लेकिन चीन जी 20 देशों के समूह का हिस्सा है इस समूह में चीन शामिल होकर अपने यहां शंघाई जैसे आधुनिकतम शहरों की संख्या बढ़ाने पर कार्य कर रहा है।

G-7 शिखर सम्मेलन क्या करता है

रूस भी कभी G-7 समूह का हिस्सा था

रूस को वर्ष 1998 में इस समूह में शामिल किया गया था और यह जी 7 से जी 8 बन गया था लेकिन साल 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया लेने के बाद रूस को समूह से निष्कासित कर दिया गया था। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का मानना है कि रूस को समूह में फिर से शामिल किया जाना चाहिए “क्योंकि वार्ता की मेज पर हमारे साथ रूस होना चाहिए।

G-7 और G-20 में अंतर

  • G-20 समूह देशों का एक बड़ा समूह है, जिसमें G-7 समूह के सदस्य भी शामिल हैं। G-20 समूह का गठन वर्ष 1999 में वैश्विक आर्थिक चिंताओं से निपटने हेतु और अधिक देशों को एक साथ एक मंच पर लाने के उद्देश्य से से किया गया था।
  • समग्र रूप से G-20 समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था के तकरीबन 80 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्त्व करता है।
  • G-7 के विपरीत, जो वैश्विक समुदाय से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करता है, G-20 में केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाज़ारों से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
  • भारत वर्ष 2022 में G-20 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा।

Important Point Of G-7

  • डोनाल्ड ट्रंप ने G-7 के 46वें शिखर सम्मेलन को स्थगित करते हुए कहा कि यह अपने वर्तमान प्रारूप में विश्व की विभिन्न घटनाओं का सही ढंग से प्रतिनिधित्त्व नहीं करता है।
  • बीते वर्ष 45वाँ G-7 शिखर सम्मेलन 24-26 अगस्त को फ्रांँस के बिआरित्ज़ (Biarritz) में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया था।
  • डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, इस समूह को G-10 अथवा G-11 कहा जा सकता है।
  • पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के शासनकाल के दौरान भी भारत ने पाँच बार G-7 (तत्कालीन G-8 समूह) में भाग लिया था।
  • भारत सदैव ही संयुक्त राष्ट्र (United Nations-UN) जैसी संस्थाओं में सुधार का पक्षधर रहा है। ऐसे में यदि भारत G-7 समूह का हिस्सा बनता है तो उसे वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

Conclusion

 प्रिय दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आपको मेरा आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि G7 क्या है अथवा इसके स्थापना क्या कब हुई थी? आगे भी इसी तरह आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से  और  विषयों के बारे में जानकारी प्रदान करती रहूंगी।

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