MICR Code क्या होता है और इसका उपयोग कैसे करते हैं?

MICR Code Kya Hota Hai और एमआईसीआर कोड का उपयोग कैसे करते हैं एवं इसकी फुल फॉर्म क्या होती है व जानने की प्रक्रिया क्या है

आपका किसी भी बैंक में अकाउंट हैं तो आपने कुछ कोडस के बारे में जरूर सुना होगा जैसे आईएफएससी कोड और एमआईसीआर कोड। बैंकिंग के क्षेत्र में ये सभी बहुत ही जाने पहचाने शब्द है। एक बैंक से दूसरे बैंक में किसी को पैसे ट्रांसफर करते समय इनकी जरूरत होती हैं। क्योंकि MICR Code का सीधा ताल्लुक आपके बैंक से होता हैं और आपके पैसे की सुरक्षा से होता है। जब बात आपकी मेहनत की कमाई की हो तो यह बहुत जरूरी हो जाता हैं कि आपको इससे संबंधित हर छोटी से छोटी चीज के बारे में जानकारी हों। MICR Code और एमआइसीआर कोड कुछ ऐसे ही छोटे-छोटे बैंकिंग कोड है जिनके बारे में जानना बहुत ही जरूरी है। तो आइए आज आपको अपने इस पोस्ट के माध्यम से एमआईसीआर कोड क्या है और इसे कैसे उपयोग में लाया जाता है उससे संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां आपको प्रदान करेंगे।

एमआईसीआर कोड क्या होता है

 भारत में MICR Code टेक्नोलॉजी को 1980 में प्रयोग में लाया गया। इसी साल इस यूनिक सिस्टम को सबसे पहली बार चेक क्लियरिंग सिस्टम में कार्यरत किया गया। बैंकिंग में एमआईसीआर कोड की टेक्निक का इस्तेमाल खतासौर पर चेक ट्रांसफर की प्रक्रिया के लिए किया जाता है। एमआईसीआर का मतलब मैग्नेटिक इकं करैक्टर रिकॉग्निशन होता है।आपने चेक बुक का उपयोग तो किया ही होगा या फिर आपने कोई चेक बैंक में जमा भी किया होगा तो आपने देखा होगा कि चैक के निचले भाग  में कुछ नंबर लिखे होते हैं इनको लिखने के लिए मैग्नेटिक इंक का इस्तेमाल किया गया होता है। जैसा कि आप जानते ही होंगे MICR Code 9 अंकों का एक यूनिक कोड होता है। यही चेक के निचले भाग पर मैग्नेटिक इंक से लिखा हुआ होता है और इसी कोड को एमआईसीआर कोड कहते हैं।

MICR Code क्या होता है

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एमआईसीआर कोड

एमआईसीआर कोड में मुख्य रूप से 9 डिजिट होते हैं। पहले के(1-3) डिजिट शहर का नाम बताते हैं और आपके इलाके के पिन कोड के पहले तीन डिजिट के समान ही होते हैं। (4-6)  डिजिट आपके बैंक के विषय में जानकारी देते हैं मतलब सभी बैंकों एक थ्री डिजिट कोड दिया जाता है जो कि MICR Code में ( 4-6) डिजिट होते हैं। आखिर के तीन डिजिट (7-9) सीरियल वाइज होते हैं जो कि आपके ब्रांच कोड के विषय में बताते हैं।

MICR Code की विशेषताएं

  • अलग-अलग बैंक शाखाओं के लिए अलग-अलग एमआईसीआर कोड होते हैं
  • जिसे यूनीक एमआईसीआर कोड भी कहते हैं।इसलिए भारतीय रिजर्व बैंक को किसी भी बैंक की किसी भी शाखा को पहचानने में और चैक से मुतालिक क्लीयरेंस की तेजी लाने में  सहायता प्रदान होती है।
  • बैंकों को एमआईसीआर कोड की सहायता से आपके चेक से मुतालिक लेनदेन को पूर्ण सुरक्षित बनाने में मदद मिलती है
  • और इसे एक सुरक्षित बारकोड के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
  • MICR Code की सहायता  ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सिस्टम की सुविधा रखने वाले बैंकों के बारे में  पता लगाने में आसानी होती है।

एमआईसीआर कोड के लाभ

  • एमआईसीआर कोड की सहायता से काफी सुरक्षा प्रदान हुई है इससे काम बहुत जल्दी हो जाता है। पहले इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था लेकिन अब सुरक्षा के साथ-साथ इसमें समय की बचत भी होती है
  • इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता उस समय होती है जब हम चेक के द्वारा रकम का आदान प्रदान करते हैं और इसमें गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है इसीलिए इस सुविधा का उपयोग बहुत ज्यादा होने लगा है।
  • और चेक पर यह मैग्नेटिक इंक द्वारा लिखा हुआ होता है। जिसे कोई काट नहीं सकता ना कोई मिटा सकता है यह एक बारकोड के रूप में प्रयोग किया जाता है।
MICR Code

MICR Code के डिसएडवांटेज

  • एमआईसीआर कोड के डॉक्युमेंट्स को प्रिंट करना आसान नहीं होता है क्योंकि इनका स्टैंडर्ड लेवल बहुत ज्यादा हाई होता है।
  • इसमें बहुत प्रिसाइज रिक्वायरमेंट की आवश्यकता होती है जैसे कैरेक्टर फ़ॉन्ट, एमआईसीआर रजिस्ट्रेशन, पेपर मॉइश्चर कांटेक्ट के लिए और ग्रेन एवं टोनर आधेशन के लिए।
  • MICR रिडर बहुत ही एक्सपेंसिव होते हैं। एमआईसीआर प्रिंटर में जो कार्टेज का इस्तेमाल किया जाता है वह प्लेन इंक टोनर कार्टेजस की तुलना में बहुत ज्यादा कॉस्टली होती है।

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एमआईसीआर कोड के कार्य

  • किसी भी काम को कंप्यूटर या इंटरनेट की सहायता से करने की अपेक्षा हाथ से करने में ज्यादा समय लगता है।
  • एमआईसीआर की तकनीकी सहायता से चेक क्लीयरेंस की प्रक्रिया को कमपियुटर की सहायता से किया जाता है जबकि एमआइसीआर सुविधा के आने से पहले यह सब पैन और रजिस्टर की मदद से किया जाता था और इस तरह से काम करने में गलतियां होने के की भी ज्यादा गुंजाइश होती थी।जिसकी वजह से चेक क्लीयरिंग प्रोसेस में काफी वक्त लगता था।
  • लेकिन जब से चैक पर एम आई आर सी कोड प्रिंट होकर आने लगा जोकि मैग्नेटिक इंक की द्वारा लिखा होता है जिसे आयरन ऑक्साइड कहते हैं से इस प्रक्रिया में तेजी आ गई।
  • मैग्नेटिक इंक इसे कंप्यूटर की मदद से पढ़ने में आसानी प्रदान करती है जिससे मशीन इसे बड़ी ही आसानी से पढ़ कर लेती हैं और इसमें गलतियां होने की आशंका न के बराबर हो जाती है।
  • कंप्यूटर की सहायता से चैक की क्लीयरिंग में एमआईसीआर  कोड का इस्तेमाल किया जाता है। एमआईसीआर की तकनीक की सहायता से ही कम से कम समय में चैक की क्लीयरिंग संभव हो सकी है।
  • बहुत सारे फाइनेंशली लेनदेन के फॉर्म भरते समय काफी सारे काम जैसे कि मनी ट्रांसफर फॉर्म,इन्वेस्टमेंट फॉमॅ और एसआईपी फोमॅ भरने के लिए एमआइसीआर कोड की आवश्यकता पड़ती है।

अपने बैंक के एमआईसीआर कोड को जानने की प्रक्रिया

MICR Code
  • इस वेबसाइट पर क्लिक करने के बाद आपको एक होमपेज दिखाई देगा।
एमआईसीआर कोड
  • इसके बाद आप अपनी बैंक का नाम चुन सकते हैं।
  • इसके बाद आप अपने राज्य को सेलेक्ट करें
  • उसके बाद अपने शहर का नाम को चुने।
  • उसके बाद अपने बैंक की शाखा को सेलेक्ट करें।
  • ये सभी जानकारी एकदम सही तरह से भरने के बाद आपके सामने आपके बैंक की सभी जानकारी निकलकर आ जायेगी और उसमें एमआईसीआर कोड भी होगा जिसे आप आसानी से देख सकते हैं।

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