Net Neutrality क्या है और नेट न्यूट्रैलिटी के उपयोग लाभ व नुकसान

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Net Neutrality Kya Hai | नेट न्यूट्रैलिटी के उपयोग क्या है | what happened to net neutrality | नेट न्यूट्रैलिटी के लाभ व नुकसान क्या है

दोस्तों आज हम आपको Net Neutrality के बारे में बता रहे हैं कि यह क्या होता है और नेट न्यूट्रैलिटी के क्या उपयोग है और उसके क्या फायदे और नुकसान हैं | नेट न्यूट्रैलिटी का अर्थ होता है सामान नेट व्यवस्था यानी सबको नेट की स्पीड समान मिलेगी और उसका कोई एक्स्ट्रा चार्ज ना हो। आज के इंटरनेट के युग में एक सामान्य व्यक्ति इंटरनेट का यूज करने लगा है जिसकी वजह से करीब 40 करोड़ लोग इंटरनेट का यूज करते हैं और आने वाले 2 या 3 सालों में इंटरनेट यूज करने वालों की संख्या काली 70 करोड़ पहुंच जाएगी इसलिए सबको एक सामान इंटरनेट मिलना चाहिए Net Neutrality को अगर हम नेट इक्वालिटी कहे तो यह भी ठीक होगा इसलिए समान रूप से इंटरनेट यूज करने की अनुमति सबको मिलनी चाहिए इसी विषय पर आज हम आपको विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।

नैट न्यूट्रैलिटी क्या है ?

नेट  न्यूट्रैलिटी का अगर आसान लफ्जों में मतलब निकाला जाए तो इसका मतलब होता है इंटरनेट का इस्तेमाल जो लोग कर रहे हैं उन्हें समान अधिकार देना अगर आप कोई भी वेबसाइट या सोशल मैसेजिंग एप इस्तेमाल कर रहे हैं तो उस में नेट कनेक्शन तो चाहिए ही बिना नेट कनेक्शन का इसका आनंद नहीं ले सकते इन एप्स और सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए आपको एक समान स्पीड मुहैया कराना और अलग से कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगना यही Net Neutrality कहलाता है। न्यूट्रैलिटी का आसान सा अर्थ होता है निष्पक्षता इसीलिए नेट न्यूट्रैलिटी का अर्थ होता है नेट निष्पक्षता। इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को चाहिए कि सभी लोगों को सामान इंटरनेट उपलब्ध कराएं। अच्छा नेटवर्क और अच्छी स्पीड सबको मिलनी चाहिए इसी को नेट निष्पक्षता कहते हैं।

Net Neutrality

भारत में Net Neutrality

नेट न्यूट्रैलिटी का इतना गहरा असर देखने को मिला के बहुत से देशों ने नेट न्यूट्रैलिटी का कानून ही बना दिया। भारत में भी एयरटेल कंपनी ने सन 2017 में 3G यूजर से एक्स्ट्रा चार्ज लेने के लिए कहा था इसके बाद ही भारत में नेट न्यूट्रैलिटी के बारे में बहस छिड़ गई है। इसके बाद भारत सरकार ने भी नेट नेट रियलिटी का कानून लागू कर दिया है भारत के सभी नेट यूजर्स के लिए समान नेटवर्क और सामान स्पीड की सुविधा मिल रही है भारत सरकार ने बताया कि देश में लगभग 40 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हो गए हैं और आने वाले 2 सालों में लगभग 20 करोड़ यूजर्स बढ़ने की आशा है इसलिए भारत में Net Neutrality का विस्तार करने की जरूरत है। इसीलिए नेट निष्पक्षता कानून के तहत सारे इंटरनेट यूजर्स के लिए सामान नेटवर्क और समान स्पीड का होना अनिवार्य है।

Net Neutrality

नैट न्यूट्रैलिटी के उपयोग और फायदे

अगर आपके पास 4G मोबाइल है और आप इंटरनेट का यूज करते हैं तो आपके लिए बड़ी खुशी की बात है कि अब आपको अच्छी इंटरनेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाएगी इसलिए हम आपको नेट नटालिटी के उपयोग और फायदे बता रहे हैं।

  • Net Neutrality का फायदा उन सब लोगों को एक समान पहुंचेगा जो इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।
  • सभी इंटरनेट यूजर्स किसी रोक टोक और  भेदभाव के बगैर आसानी से इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
  • इंटरनेट निष्पक्षता कानून लागू होने के बाद सभी उपभोक्ता इंटरनेट की सामान स्पीड का अनुभव करेंगे।
  • आपको 4G सुविधा के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना पड़ेगा।
  • इंटरनेट उपभोक्ता जो भी कार्य करते हैं जैसे वह किसी वेबसाइट को देखते हैं तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर उनके इंटरनेट प्लान में कोई चेंज नहीं करेगी।
  • Internet यूजर्स को किसी भी वेबसाइट या दूसरी इंटरनेट सर्विसेज का इस्तेमाल करने के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना पड़ेगा।
  • इंटरनेट उपभोक्ताओं को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं जो वेबसाइट्स केवल हाई स्पीड इंटरनेट पर ही खुलती थी वह वेबसाइट भी आप सामान्य इंटरनेट सर्विस प्लान पर ही कार्य करेंगी।
Net Neutrality

Net Neutrality के नुकसान

दोस्तों यहां हम आपको नेट न्यूट्रैलिटी के नुकसान बता रहे हैं।

  • मिसाल के तौर पर अगर नेट न्यूट्रैलिटी खत्म होती है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान इंटरनेट उपभोक्ताओं को होगा।
  • नेट निष्पक्षता का कानून समाप्त होने के बाद सभी इंटरनेट उपभोक्ताओं को इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर पूर्णता अपने कंट्रोल में कर लेंगे।
  • बहुत सी वेबसाइट्स अगर ज्यादा पैसा चार्ज करती हैं तो उनको इस्तेमाल करना उपभोक्ताओं की मजबूरी हो जाएगी।
  • बहुत सी वेबसाइट जो ज्यादा चार्ज करती हैं या तो उनका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे या वह बहुत स्लो कार्य करेंगी।
  • अगर इंटरनेट यूजर दूसरी किसी वेबसाइट को इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे एक्स्ट्रा रिचार्ज कराना पड़ेगा।
  • इंटरनेट उपभोक्ता जितना इंटरनेट यूज करता है उसे उतना ही रिचार्ज कराना पड़ेगा।
  • नेट न्यूट्रैलिटी का कानून समाप्त होने के पश्चात किसी भी देश की गवर्नमेंट यह तय करके बताएगी कि आम इंटरनेट उपभोक्ता कितना इंटरनेट यूज कर सकता  है।

तो दोस्तों आपने देखा कि नेट न्यूट्रैलिटी इंटरनेट उपभोक्ताओं के लिए कितना जरूरी है और हमने इसके उपयोग लाभ और हानि के बारे में भी आपको बताया तो उम्मीद है कि आपको Net Neutrality के बारे में पता चल गया होगा।

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