हिन्दू कैलेंडर के महीनों के क्या नाम है?

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Hindu Calendar Kya Hota Hai | हिन्दू कैलेंडर के महीनों के क्या नाम है |हिंदू कैलेंडर के महीनों के नाम अथवा उनके महत्व।

हिन्दू कैलेंडर पंचांग कैलेंडर का एक साइट है जो पारंपरिक रूप से भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एरिया में सामाजिक और हिंदू धार्मिक तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। वह शार्ट चक्र और हर 3 साल में चंद्र और चक्र के संयोजन के लिए सीरियल के आधार पर टाइमकीपिंग के लिए एक सम्मान अंतरिक्ष अवधारणा को अपनाते हैं। जबकि चंद्र चक्रीय सूर्य चक्र और महीनों के और जब बात मानते हैं तो उनके सफेद जोर में भी अंतर होता है। नए साल शुरू होने का काफी सारे कैलेंडर परखने के बाद सबसे ज्यादा पढ़ा गया कैलेंडर है। चली वह शाखा जो साउथ इंडिया में पाया जाता है। विक्रम सम्राट नेपाल में पाया जाता है। तमिल कैलेंडर। दारू में पाया जाता है हिंदू कैलेंडर को कभी कभी पंचांगा बोला जाता है।

HINDU CALENDAR

 हिन्दू कैलेंडर इंडिया में इस्तेमाल। वैदिक वर्क से किया जाता है और हिंदू द्वारा अभी भी इस्तेमाल किया जाता है। पूरी दुनिया में हिंदू हिंदू का त्योहार स्थिति को निर्धारित करने के लिए। प्राचीन हिंदू कैलेंडर वैचारिक। यहूदी कैलेंडर में भी पाया गया है लेकिन ग्रेगोरियन कैलेंडर से अलग है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के विपरीत जॉब 12 चांद चक्रों और लगभग 365 दिनों के बीच बेमेल के लिए संभव समायोजित के लिए चंद्र माह में आखिरी दिन जोड़ता है हिंदी कैलेंडर 4 महीने के अखंडता को बनाए रखता है। लेकिन एक आंख अतिरिक्त पूरा महीना सम्मिलित करता है जटिल नियमों द्वारा हर कुछ वर्षों में यह सुनिश्चित करने के लिए त्योहार और फसल संबंधी अनुष्ठान। उचित मौसम में आते हैं।

हिन्दू कैलेंडर

हिन्दू कैलेंडर के महीनों के क्या नाम है ?

क्रम संख्याMonth name in HindiMonth name in English
1चैत्र मासमार्च – अप्रैल
2वैशाख मासअप्रैल – मई
3ज्येष्ठ मासमई – जून
4आशाण मासजून – जुलाई
5श्रावण मासजुलाई – अगस्त
6भाद्रपक्ष मासअगस्त –  सितंबर
7अश्विन माससितंबर – अक्टूबर
8कार्तिक मासअक्टूबर – नवंबर
9मार्गशीश मासनवंबर – दिसंबर
10पौष मासदिसंबर – जनवरी
11माघ मासजनवरी – फरवरी
12फाल्गुन मासफरवरी – मार्च
हिन्दू कैलेंडर के महीनों के क्या नाम है

ऋतु के नाम

हिंदू पंचांग समय गणना के आधार पर वर्ष में छह ऋतु होती है-

  • बसंत ऋतु
  • ग्रीष्म ऋतु
  • वर्षा ऋतु
  • शरद ऋतु
  • हेमंत ऋतु
  • शिशिर ऋतु

 आइए जानते हैं हिंदू कैलेंडर के महीनों के नाम अथवा उनके महत्व।

जयेष्ट

 जयेष्ट माह की अमावस्या के दिन शनि जयंती मनाते है। जयेष्ट माह की दशमी के दिन गंगा दशहरा मनाते है, कहते है इस दिन गंगा जी धरती में अवतरित हुई थी। जयेष्ट माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को निर्जला एकादशी मनाते है. साल में पड़ने वाली सभी 24 एकादशी से इसका बहुत महत्व है। कहते इस एक एकादशी में 24 एकादशी का पुन्य समाहित है। जयेष्ट पूर्णिमा के दिन महाराष्ट्र, कर्नाटका, मध्यप्रदेश में वट पूर्णिमा या वट सावित्री का व्रत रखते है। जगन्नाथ पूरी में स्नान यात्रा त्यौहार जयेष्ट पूर्णिमा के दिन मनाते है. इस दिन जगन्नाथ मंदिर से बालभद्र, सुभद्रा, जगन्नाथ को मंदिर से बाहर ले जाकर स्नान बेदी में स्नान कराया जाता है।

श्रावण –

 सावन पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाते है. महाराष्ट्र में इस दिन नाराली पूर्णिमा मनाते है। पूर्णिमा के आठ दिन बाद जन्माष्टमी का त्यौहार पुरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाते है। सावन माह की अमावस्या के पांच दिन बाद नागपंचमी का त्यौहार मनाते है। दक्षिण भारत में सावन पूर्णिमा के दिन अवनी अवित्तम या उपाकर्म का त्यौहार मनाते है। सावन माह के आखिरी दिन अमावस्या को देश के कई हिस्सों में किसान समुदाय द्वारा पोला का त्यौहार मनाया जाता है। देश के कई हिस्सों में सावन महीने के समय विशेष धार्मिक अनुष्ठान होते है, कावण यात्रा निकाली जाती है। इसी महीने हरियाली तीज, हरियाली अमावस्या भी मनाई जाती है।

अश्विन –

इस महीने को कुआर भी कहते है। भाद्र पक्ष की अमावस्या के बाद ये दिन शुरू होता है। ये माह अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार सितम्बर- अक्टूबर महीने में आता है। नवरात्री, दुर्गापूजा, कोजागिरी पूर्णिमा, विजयादशमी/दशहरा, दिवाली, धनतेरस, काली पूजा इसी महीने में आते है। इस महीने सबसे अधिक छुट्टियाँ पड़ती है।

कार्तिक –

 गुजरात में दिवाली से नया साल शुरू होता है, वहां कार्तिक पहला महिना होता है। इस माह गोबर्धन पूजा, भाई दूज, कार्तिक पूर्णिमा मनाते है। कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली मनाते है। इस माह एकादशी को देव उठनी एकादशी मनाते है, जिसे तुलसी विवाह भी कहते है। इस दिन के बाद से शुभ कार्यों की शुरुवात हो जाती है। इस महीने गुरु नानक जयंती भी आती है।

अगहन –

इस महीने वैकुण्ठ एकादशी जिसे मोक्ष एकादशी भी कहते है, बड़ी धूमधाम से मनाते है।

पौष –

इस महीने लौहड़ी, पोंगल एवं मकर संक्राति जैसे कई त्यौहार मनाये जाते है।

माघ –

इस महीने सूर्य कुंभ राशी में प्रवेश करता है, तमिल में इस महीने को मासी कहते है। इस महीने विद्या एवं काला की देवी सरस्वती जी की पूजा बसंत पंचमी के दिन की जाती है। इसके साथ ही महा शिवरात्रि, रथा सप्तमी त्यौहार भी मनाये जाते है। उत्तरी भारत में माघ मेला एक बड़ा उत्सव होता है।

फाल्गुण –

बंगाल में ये 11 वां महिना होता है। बांग्लादेश में फाल्गुन महीने के पहले दिन पोहेला फाल्गुन मनाया जाता है। नेपाल में फाल्गुन के पहले दिन रंगों का त्यौहार होली को बड़ी धूमधाम से मनाते है, जिसे वहां फागु कहते है। भारत में भी फाल्गुन पूर्णिमा को होली मनाई जाती है।

CONCLUSION

 उम्मीद रखता हूं कि आप को हिंदू कैलेंडर के बारे में पता चल गया होगा और जान गए होंगे कि हिंदू कैलेंडर के हिसाब से महीनों के क्या नाम है और उनका क्या महत्व है

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