MSP क्या होता है- Minimum Support Price Full Form, न्यूनतम समर्थन मूल्य

0
13

दोस्तों आज का हमारा विषय है कि MSP क्या होता है जैसे कि हम सब जानते हैं है कि किसान हमारे भरण पोषण के लिए काफी मेहनत करते हैं ऐसे में उनको भी आय का साधन प्राप्त होता है जिसे हम सब एमएसपी के नाम से जानते हैं। तो चलिए दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से एमएसपी के बारे में संपूर्ण जानकारी जैसे के एमएसपी क्या होता है इसकी फुल फॉर्म क्या होती है प्रदान करने जा रहे हैं आपको हमारा आर्टिकल विस्तार से पढ़ना होगा। 

एमएसपी क्या होता है?

एमएसपी एक न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी गारंटीड मूल्य है जो किसानों को उनकी फसल पर प्रदान किया जाता है। किसानों को उनकी फसल की कीमत कम हो या ज्यादा हो उस पर एक ही एमएसपी प्रदान किया जाता है जैसे कि हम सब जानते हैं कि बाजार में फसलों की कीमत में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और इन उतार-चढ़ाव का असर किसानों पर ना पड़े इसलिए उनकी एक कीमत निर्धारित कर दी गई है जिसको एमएसपी कहा जाता है। सरकार द्वारा फसल सीजन के पहले सीएसीपी के कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कोर्स एंड प्राइस की सिफारिश पर एमएसपी तय किया जाता है

MSP Kya Hota Hai

एम एस पी की फुल फॉर्म क्या है?

एम एस पी की फुल फॉर्म है Minimum Support Price हिंदी में न्यूनतम समर्थन मूल्य भी कहा जाता है।

एमएसपी का उद्देश्य क्या है?

न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों को बिचौलियों के शोषण से बचाकर उनकी उपज का अच्छा मूल्य उनको प्रदान करना और अगर किसी फसल बंपर उत्पादन होने या बाजार में उसकी अधिकता होने के कारण उसकी कीमत घोषित मूल्य की तुलना में कम हो जाती है तो सरकार द्वारा किसानों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद लेती है। यह किसानों को बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है जो सरकार द्वारा उठाया गया है

एमएसपी से संबंधित मुद्दे क्या है

न्यूनतम समर्थन मूल्य से निर्धारित संबंधित पांच मुद्दे हैं जो कुछ इस प्रकार है

  • पहला एमएसपी की अवधारणा ने बाजार को विकृत कर दिया है यह धान और गेहूं के लिए एक प्रभावी है और अन्य फसलों के लिए केवल संकेत है।
  • दूसरा एमएसपी विभिन्न वर्गों के बीच अंतर नहीं करता है यह सिर्फ एक औसत उच्च गुणवत्ता को संदर्भित करता है।
  • तीसरा एमएसपी धान और गेहूं के लिए खरीदी तय की गई है जो सीधे पीएचडी से संबंधित है यह एक व्यवस्था अच्छी तरह से काम करती है लेकिन यह कुछ ही फसलों तक सीमित है
  • चौथा एमएसपी को किसी न किसी फसल का भंडारण करना ही पड़ता है इसे उपभोक्ताओं के लिए पूरे वर्ष उपलब्ध नहीं किया जा सकता।
  • पांचवा कृषि उत्पादों के लिए हमारी व्यापार नीति भी विकृत है जिसे जब अन्य के निर्यात पर प्रबंधन लगा रहता है।

एमएसपी क्यों घोषित किया जाता है?

एमएसपी को घोषित करने का मुख्य उद्देश्य है कि किसी साल अगर अनाज का उत्पादन ज्यादा भी होता है तो अनाज की कीमतों की वजह से किसानों को कोई मुश्किल का सामना नहीं करना पड़े। एमएसपी तय होने के बाद स्थानीय सरकारी एजेंसियों के माध्यम से खरीद का फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और नेफेड के पास उसका भंडारण होता है और इसी स्टोर सेवर सर्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए सरकार गरीबों तक कम कीमत में अनाज पहुंचाती है।

किन फसलों पर घोषित होती है एमएसपी?

आपको बता दें कि 1966-67 में जब एमएसपी की शुरुआत हुई थी तो उस वक्त सिर्फ एक फसल जो कि गेहूं है उस पर एमएसपी तय की गई थी इसकी वजह से किसान और फसलों को छोड़कर सिर्फ गेहूं की बुआई करने में ध्यान देते थे इसके बाद अनाजों का उत्पादन कम हो गया तो सरकार ने पहले धान और फिर तिलहन और दलहन के कुछ फसलों को भी एमएसपी घोषित कर दिया था। अब तक आपको बता दें कि सरकार की ओर से कुल 23 फसलों का एमएसपी तय किया जाता है जैसे के अनाज, धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा जो, रागी के साथ ही 5 दालें जैसे चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर साथ तेल, मूंगफली, सरसों, सोयाबीन, शीशम, सूरजमुखी, कुसुम और नाइजर सीड के साथ ही 4 व्यापारिक फसलें गरी गन्ना कपस और जूट शामिल है।

एमएसपी कौन तय करता है?

एमएसपी देश की एक संस्था जिसका नाम है कृषि लागत एवं मूल्य आयोग के द्वारा तय किया जाता है। यह देश के कृषि मंत्रालय के तहत आती है इस संस्था की शुरुआत जनवरी 1965 में की गई थी तब इसका नाम था कृषि मूल्य आयोग 1985 में इसमें लागत जोड़ने के बाद इसका नाम हो गया कृषि लागत एवं मूल्य आयोग। यह आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति और भारत सरकार को अपने आंकड़े बताती है और इन तीनों जगह से इजाजत मिलने के बाद अलग-अलग फसल के एमएसपी तय करती है।

MSP कैसे तय की जाती है?

एमएसपी को आयोग के कुछ मानकों के आंकड़ों पर घटक किया जाता है जैसे कि

  • देश के अलग-अलग इलाकों में किसी खास फसल की लागत
  • खेती का खर्च और आने वाले अगले साल में होने वाले बदलाव
  • देश के अलग-अलग क्षेत्र में प्रति क्विंटल अनाज को गाने की लागत
  • प्रति क्विंटल अनाज उगने वाला खर्च और अगले साल में होने वाला बदलाव
  • अनाज की कीमत और आगे 1 साल में होने वाला औसत बदलाव
  • किसान जो अनाज भेजता है उसकी कीमत और जो खरीदता है उसकी
  • सरकारी और सार्वजनिक एजेंसी जैसे एसपी और नफेड स्टोरेज क्षमता
  • परिवार पर खपत होने वाला अनाज और एक व्यक्ति पर खपत होने वाले अनाज की मात्रा।
  • विश्व में अनाज की मांग और उसकी उपलब्धता।
  • अनाज के भंडारण उसको एक जगह से दूसरी जगह पर लाने ले जाने का खर्चा।
MSP क्या होता है

Conclusion

प्रिय दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको इस आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा कि MSP क्या होता है अथवा इसका उद्देश्य क्या होता है। आगे भी इसी तरह आपको अपना आर्टिकल के माध्यम से और चीजों के बारे में जानकारी प्रदान करते रहेंगे अगर आप को इस से संबंधित कोई भी कठिनाई आती है तो आप हमसे नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं आप का कमेंट हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here