ट्रांसफार्मर (What Is Transformer) क्या है- ट्रांसफार्मर के प्रकार, सिद्धांत व कार्य प्रक्रिया

Transformer Kya Hai और ट्रांसफार्मर कितने प्रकार के होते है एवं इसके कार्य क्या होते है व इसके कार्य करने की प्रकिया क्या है जाने हिंदी में

बिजली की उत्पत्ति तो सैकड़ों साल पहले हो चुकी थी परंतु सब जगहों पर इसे पूरी व्यवस्था के साथ प्रदान करना काफी मुश्किल माना जाता था इसलिए धीरे-धीरे इसे गिने-चुने क्षेत्रों में Supply किया जाता है फिर बाद में वर्तमान समय में अब यह सभी देशों में पूरी तरह से फैल चुकी है क्योंकि Electricity के बिना कोई भी कार्य अधूरा माना जाता है और यही कारण है किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में बिजली का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है और क्या आपको पता है कि घरों में जो बिजली सप्लाई होती है वक्त किसके द्वारा की जाती है वह एक ऐसी Machine जिसे हम ट्रांसफार्मर(Transformer) कहते हैं अपने अक्सर ही अपने क्षेत्र में बड़े-बड़े खंभों में एक Transformer जो कि एक बड़ी मशीन का आकार में होता है जरूर देखा होगा तो आ जाइए आपको ट्रांसफार्मर के बारे में सभी प्रकार की जानकारी हम मुहैया कराते हैं

Transformer Kya Hota Hai?

घरों में बिजली Supply करने के लिए जिस मशीन का उपयोग किया जाता है उसे हम ट्रांसफार्मर कहते हैं इसका आविष्कार सन 1885 अमेरिका के William Standley के द्वारा किया गया था यह Electric Energy को Magnetic field के द्वारा एक Circuit से दूसरे Circuit में पूरी Frequency के साथ Supply करता है जिससे घरों में बिजली पहुंचती है इसमें दो प्रकार की Winding होती हैं एक Primary Winding तथा दूसरी Secondary Winding जो कि बिजली को भेजने और Receive करने का कार्य करती है यह एक दैत्य नुमा आकृति की मशीन होती है जो कि काफी बड़ी और भारी होती है जिसमें एक तरफ से Power को ग्रहण करके तथा दूसरी तरफ से घरों Factory में Supply किया जाता है अक्सर ही आपने Transformer को अपने क्षेत्र में लगे होते देखा होगा या आकार में छोटे और बड़े भी होते हैं।

ट्रांसफार्मर

ट्रांसफार्मर(Transformer) की परिभाषा संक्षेप में

यदि Transform को एक सरल भाषा में परिभाषित करने की बात करें तो इसकी परिभाषा कुछ इस प्रकार से दी जा सकती है की “कोई भी ऐसी मशीनरी डिवाइस जोकि Current के द्वारा Decrease और Increase की सहायता से Voltage को Step Up और Step Down करती है उसे हम Transformer कहते हैं”ट्रांसफार्मर एक प्रकार का  Electromagnetic Energy Conversion Device होता है जिसमें Power को Receive कर के Primary Winding में Convert किया जाता है तथा उसे जगह-जगह Supply किया जाता है ठीक उसी प्रकार Magnetic Power में उसे Convert करके Secondary Winding में Convert कर दिया जाता है।

ट्रांसफार्मर का सिद्धांत(Principal)

हमेशा हमने यह देखा है की जब भी Transformer के सिद्धांत की बात की गई है तो लोगों को बड़ी जागरूकता के साथ इसे समझने की कोशिश की गई है अक्सर या परीक्षाओं में भी पूछा जाता है तो आइए हम आपको ट्रांसफार्मर किस सिद्धांत के बारे में बताते हैं।

Transformer प्रायः Faraday’s Law of Electromagnetic Induction सिद्धांत के अंतर्गत कार्य करता है यदि इसके सिद्धांत की परिभाषा बताएं तो यह है “Voltage की Magnitude हमेशा Rate of Change of Flux के Directly Proportional होती है”।

ट्रांसफार्मर

Transformer के कार्य क्या होते है?

जिस तरह से विद्युत आपूर्ति को घर-घर में पहुंचाने का कार्य ट्रांसफार्मर के द्वारा किया जाता है ऐसे में यह काफी ज्यादा व्यवस्था तथा सुचारू रूप से बिजली के लेवल को बनाए रखने का कार्य करता है तो आइए Transformer के जो कार्य है उसके बारे में हम आपको निम्नलिखित कुछ जानकारियां देते हैं।

  • ट्रांसफार्मर के द्वारा Voltage को कम करना तथा बढ़ाना यह दोनों कार्य किया जाता है जिससे  Level में बिजली आपूर्ति होती है।
  • ज्यादा से ज्यादा Power को Achieve करने के लिए Transformer का इस्तेमाल किया जाता है।
  • ट्रांसफार्मर के द्वारा किसी एक Circuit को Isolate करने का कार्य किया जाता है जोकि Isolation Transformer के द्वारा ही होता है।
  • Transformer के द्वारा दोनों ही Winding चाहे Primary हो या Secondary उन में समान रूप से व्यवस्था करने का कार्य किया जाता है।
  • उपकेंद्र से निकली हुई बिजली को और जब करके तथा उसे घरों में फैक्ट्री में तथा अन्य जगहों पर सप्लाई करने का कार्य ट्रांसफार्मर के द्वारा ही होता है।
  • वर्तमान समय में कई छोटे-बड़े Transformer घरेलू उपयोग के लिए भी लगाए जा रहे हैं जैसे होटल में सोसाइटी में हॉस्पिटल में यह सब जगह Personal Transformer का भी उपयोग किया जा रहा है।

ट्रांसफार्मर के प्रकार कितने होते है?

यदि ट्रांसफार्मर के प्रकार की बात की जाए तो इसकी कई तरह के प्रकार होते हैं जो कि अपने अलग-अलग श्रेणियों में कार्य के लिए जाने जाते हैं निम्नलिखित हम ट्रांसफार्मर के सभी श्रेणियों के प्रकार बताने जा रहे हैं।

Voltage के आधार पर Transformer

 यह देखने को मिलता है कि ज्यादातर Voltage के आधार पर ही जो Transformer होते हैं उनका का मन तौर पर इस्तेमाल किया जाता है शायद यही कारण है कि हर जगह हमें इन ट्रांसफार्मर को देखना बनता है तो आइए हम इनके आधार पर उपयुक्त Transformer के बारे में बताते हैं।

Step-Up Transformer

इस प्रकार के ट्रांसफार्मर को Generator के Transformer में हमेशा Grid के Connection को जोड़ने के लिए किया जाता है तथा इसके साथ ही साथ Primary Winding के अपेक्षा Secondary Winding को बढ़ा करके इस्तेमाल में लाया जाता है और Primary Winding के Voltage को Secondary Winding की Voltage की अपेक्षा कम रखा जाता है ऐसे में Secondary Winding हमेशा Voltage के मामले में आगे रहती है।

Step-Down Transformer

जब भी हमें Voltage के Level को कम कर के उपयोग में लाना होता है तो उस समय हमें स्टेप डाउन ट्रांसफॉर्मर का उपयोग करते हैं तथा इसके साथ ही साथ Secondary Winding की अपेक्षा Primary Winding में Winding Turns अत्यधिक मात्रा में इस्तेमाल की जाती है जब भी High Voltage Power उत्सर्जित होती है तो उसे कम Voltage में Convert करने का कार्य Step Down Transformer का ही होता है जिसके बाद इसे घरों में सप्लाई के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है यही इसका मुख्य कारण होता है।

Transformer के कार्य क्या होते है

Core के आधार पर Transformer

जब भी हमें Primary और Secondary Winding को आपस में किसी प्रकार का Classify करना होता है तो समय हमें को Core Transformer का इस्तेमाल करना पड़ता है ऐसे में इसके दो प्रकार होते हैं जिन्हें हम निम्नलिखित आपको बताने जा रहे हैं।

Air Core Transformer

इस Transformer के अंतर्गत दोनों प्रकार की जो Winding होती हैं जिसे Primary और Secondary Winding करते हुए एक दूसरे से लिपटी हुई होती है जोकि Non Magnetic में होती है ऐसे में देखा जाए तो एयर कोर ट्रांसफॉर्मर के जो गति होती है वह थोड़ा कम हो जाती है जिसमें समय-समय पर Current Eliminate  होता रहता है इस तरह Air Core Transformer एक अपेक्षित लेवल तक कार्य करता रहता है।

Iron Core Transformer

इस प्रकार का Transformer कम रेलूक्टेंस सप्लाई करता है जिस जिससे Iron का जो Magnetic Property होता है वाह Linkage Flux को Condictive कर लेता है ऐसे में Primary Winding और Secondary Winding जो होती है वह एक दूसरे में लिपटी हुई रहती है और Primary Winding, Secondary Winding की अपेक्षा Multiple Iron Plane Batch को प्रदान करता है इसकी कार्य शक्ति Air Core Transformer की अपेक्षा ज्यादा तेजी से करने लगती है।

Winding Arrangement के आधार पर Transformer

यदि Winding Arrangement के आधार पर Transformer की बात करें तो यह सिर्फ एक ही प्रकार का होता है जिसे हम ऑटो ट्रांसफॉर्मर कहते हैं जिसका जिक्र हम नीचे आपको करने जा रहे हैं।

Auto Transformer

ऑटो ट्रांसफार्मर के अंतर्गत दोनों ही प्रकार की Winding को अलग-अलग Direction में पेश किया जाता है जिससे यह दोनों ही एक सीरीज में एक दूसरे से Connect हो जाती हैं इसके साथ ही साथ यह Uncommon Coil में Primary Winding और Secondary Winding में जोड़ कर एक दूसरे के साथ कार्य करने लगती हैं। जिससे Voltage को अपने इच्छा अनुसार मैनेज किया जा सकता है।

इस्तेमाल के आधार पर Transformer

यदि हम इस्तेमाल के आधार पर Transformer की बात करें तो यह कई तरह के भागों में बटा होता है जिनके बारे में हम आपको निम्नलिखित संक्षिप्त जानकारियां देने जा रहे हैं।

Power Transformer

जब भी किसी क्षेत्र में ज्यादा बिजली आपूर्ति की जरूरत पड़ती है तब हम आकार में बड़े तथा ज्यादा पावर की क्षमता वाले Transformer का इस्तेमाल करते हैं जिसे हम पावर ट्रांसफार्मर कहते हैं जिसकी क्षमता 33KV से भी अधिक होती है इसका सबसे ज्यादा उपयोग Power Generation Station तथा ट्रांसमिशन सबस्टेशन में किया जाता है।

Distribution Transformer

इस प्रकार के Transformer का इस्तेमाल Electrical Energy के Low Voltage पर रखने के लिए होता है जोकि प्राय Domestic तौर पर किया जाता है यह पूरी तरह से Full loaded नहीं होता है यदि इसके Size की बात किया जाए तो पावर ट्रांसफार्मर की अपेक्षा काफी छोटा होता है ऐसे Transformer को लगाना काफी आसान होता है या प्रायः 220v-440v के रूप में इंडस्ट्रियल और डोमेस्टिक ट्रांसफार्मर के तौर पर यूज किए जाते हैं।

Protection Transformer

किसी भी प्रकार के Components Protection के लिए हमेशा प्रोटेक्शन ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल किया जाता रहा है इस प्रकार के Transformer हमेशा से ज्यादा Accurate रहते हैं जो कि अन्य Transformer की अपेक्षा अत्यधिक कार्य भी करते हैं ऐसे में यह काफी Protective तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है।

Indoor Transformer

ऐसी Transformer पूरी तरीके से ढके हुए होते हैं जोकि अपने अलग Voltage Level को बनाए रखने के लिए प्रयुक्त किए जाते हैं या खास तौर से किसी अंदर की जगह हुए होते हैं ज्यादातर किसी सोसायटी कॉलोनी या से इंडस्ट्रियल डोमेस्टिक के तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं।

Outdoor Transformer

ऐसी Transformer जो कि आउटडोर तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है यह एक प्रकार के Distribution होते हैं जिन्हें हम कई अन्य जगहों पर   सप्लाई की आपूर्ति करते हैं Indoor की अपेक्षा काफी ज्यादा कार्य प्रचलन में गिने जाते हैं इनके कार्य करने की जो गति होती है और काफी तेज मानी जाती है।

Supply के आधार पर Transformer

यदि Transformer के द्वारा हम Supply करने की बात करें तो इसके 2 प्रकार होते हैं जोकि जगह जगह पर बिजली की आपूर्ति को संचालित करते रहते हैं तो आइए इनके फेस के बारे में हम आपको जानकारी प्रदान करते हैं।

Single Phase Transformer

सिंगल फेज ट्रांसफार्मर के द्वारा हम Single Phase के Wire को जोड़कर इसे Supply करने का कार्य करते हैं जो कि बहुत ज्यादा नहीं होता है परंतु इसके साथ ही साथ हम Wire को Circuit से साथ जोड़ देते हैं यदि Single Phase Transformer के वोल्टेज की बात करें तो यह 230V का होता है।

Three Phase Transformer

यदि हमें Power Supply को ज्यादा मात्रा में करना होता है या फिर बिजली आपूर्ति को संचालित करने के लिए ज्यादा Voltage की जरूरत होती है तो हम थ्री फेज ट्रांसफार्मर का उपयोग करते हैं जो कि 3 Wire को सर्किट में जोड़कर बिजली आपूर्ति को वहन करता है ऐसे में इसके Voltage की मात्रा भी बढ़ जाती है जो कि 415V तक होती है।

Transformer Rating:

Output Rate20kVA
Voltage Rate3300/220V
Frequency level50z

आज के समय में ट्रांसफार्मर का महत्व

यदि Transformer के महत्व के बाद किया जाए तो यह काफी गया था उपयोगी है क्योंकि आज के समय में बिजली आपूर्ति हर क्षेत्र के लिए जरूरी काम आती है आती है ऐसे में यदि Transformer ना रहे तो बिजली की आपूर्ति को सुचारू रूप से चालू नहीं किया जा सकता निम्नलिखित हमें कुछ महत्व को बताने जा रहे हैं।

  • जब भी हमें विद्युत उपकेंद्र से बिजली की सप्लाई लेनी होती है तो उसके लिए हमें ट्रांसफार्मर की ही जरूरत पड़ती है क्योंकि ट्रांसफार्मर के द्वारा ही हमें सुचारू रूप से बिजली प्राप्त हो पाती है।
  • कभी-कभी यह देखने को मिला है कि बिजली उपकेंद्र से निकलने वाली जो बिजली होती है वह कभी ज्यादा Voltage तो कभी कम Voltage होती रहती है ऐसे में यदि हम वहां से Directly Supply अपने घरों को लेंगे तो यह हमारे लिए काफी हानिकारक साबित हो गए इसलिए Transformer उन सभी को अवसर करके हमें उतने ही Level की बिजली या फिर क्या उतना ही Voltage प्रदान करती है जितने की हमें जरूरत होती है।
  • आज के समय में तो Domestic Transformer भी आ चुके हैं इसके लिए आप अपने खुद का Transformer घर में लगवा सकते हैं इसके लिए आप अपने इच्छा अनुसार बिजली की सप्लाई प्रवाहित करा सकते हैं।

Conclusion:निष्कर्ष

आज हमने इस Article के द्वारा Transformer के बारे में आपको संक्षेप में जानकारी प्रदान की है हम आशा करते हैं कि या लेख जितना ही ज्यादा बड़ा है उतना ही ज्यादा समझ में भी आएगा क्योंकि इसके द्वारा हमने ट्रांसफार्मर के सभी प्रकारों के बारे में विस्तार से बताने का प्रयास किया है तथा उसके साथ ही साथ इसके महत्व कार्य आदि को भी संक्षेप में बताया है।

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