पेन का आविष्कार किसने किया: Pen Ka Avishkar Kab or Kisne Kiya जाने हिंदी में

Pen Ka Avishkar Kisne Kiya और पेन का आविष्कार कब हुआ एवं आविष्कार करने वाले का नाम क्या है व फाउंटेन पेन, बॉल पेन का आविष्कार किसने किया

आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज के बारे में बताने वाले हैं जो है पेन। जी हां शायद ही आप में से किसी को यह पता होगा कि पेन का आविष्कार किसके द्वारा किया गया था। वैसे तो आज के समय में पेन का इस्तेमाल बहुत ही कम हो गया है क्योंकि लगभग ज्यादातर लोग किसी को ई-मेल ना कोई संदेश भेजने के लिए ज्यादातर स्मार्टफोन का ही इस्तेमाल करते हैं लेकिन आज भी हमारे कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिंदगी ने हमें टाइम की आवश्यकता पढ़ती है चाहे वह किसी फॉर्म को भरने में हो या किसी इंपॉर्टेंट डाक्यूमेंट्स को साइन करना हो।

पहले के जमाने में लोग किसी को संदेश या चिट्ठी लिखने के लिए सियाही और पक्षी के पंख का उपयोग करते थे यह दौर काफी समय तक चला जिसके बाद पेन का आविष्कार किया गया जिसके बाद लोगो की ज़िंदगी आसान हो गई। तो चलिए फिर आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से पेन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान करने वाले हैं यदि आप भी जानना चाहते हैं कि सबसे पहले Pen Ka Avishkar कब और किसके द्वारा किया गया तो हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

पेन का आविष्कार

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Pen Kya Hota Hai?

पेन का उपयोग हम सभी लोग अपने किसी भी लिखित कार्य के लिए करते हैं। पेन की जो आगे की नोक या नीब होती है वह स्टेनलेस स्टील या टाइटेनियम से बनाई जाती है। पेन के अंदर उपयोग होने वाली स्याही एक या एक से अधिक रंग वर्णकों (color pigments) और डाइ को किसी साल्वेंट (जैसे- पानी या तेल) में मिलाकर बनाई जाती है। दुनिया का सबसे महंगा और कीमती पेन ‘टिबाल्डी फुलगोर नोक्टर्नस’ (Tibaldi Fulgor Nocturnus) है। जिसे इटली की एक कंपनी टिबाल्डी द्वारा बनाया गया था। इस पेन की कीमत आज के समय में लगभग 60 करोड़ है।

पेंसिल से  लिखा हुआ बहुत जल्दी रख हो जाता है इसीलिए लोग ज्यादातर पेंसिल की जगह पेन का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि पेन का लिखा हुआ आसानी से रफ हो जाता है। आज के समय में हम जिस पेन का इस्तेमाल करते हैं वह बॉल पेन कहलाते हैं दूसरा पेन फाउन्टेन होता है, जिसमें रिफिल की जगह निब से लिखते हैं

Pen Ka Avishkar

Pen Ka Avishkar कब और किसके द्वारा किया गया

देखा जाए तो पेन बनाने का श्रेय केवल एक व्यक्ति को नहीं जाता बल्कि बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्होंने इसे बनाने में काफी समय तक मेहनत की है। आज से लगभग 80 वर्ष पूर्व बॉल पॉइंट Pen Ka Avishkar वर्ष 1888 में जॉन जैकब लाउड द्वारा किया गया था। जॉन जैकब अमेरिकी वकील और लेदर का काम करने वाले व्यक्ति थे। जॉन जब लेदर की वस्तुएं बनाते थे तब उन्हें लेदर के बड़े-बड़े टुकडे काटते वक्त निशान लगाने के लिए पेंसिल या फाउंटेन पेन से निशान लगाने में काफी परेशानी होती थी जिसकी वजह से उन्होंने एक ऐसा पेन बनाने का विचार किया जिससे निशान लगाते समय उस पेन की नोक आसानी से चारो और घूम सके।

पेन का आविष्कार
  • जाॅन लाउड ने अपने इस नये आविष्कार के लिए 30 अक्टूबर, 1888 को अमेरिका में पेटेंट प्राप्त किया। यह बाॅल पेन के लिए दुनिया का पहला पटेंट था। जिसके बाद पतली सी आई और बॉल बेयरिंग का उपयोग कर वर्ष 1938 में हंगेरियन मूल के अर्जेंटीनियन आविष्कारक लादिसालो जोस बिरो द्वारा बॉल पेन का आविष्कार किया गया। लगभग 100 अरब से भी ज्यादा इस पेन की बिक्री हुई।
  • फाउंटेन पेन का आविष्कार वर्ष 1827 में रोमानियाई आविष्कारक पेट्राक पोएनारू द्वारा किया गया था। इसलिए पेन का से किसी एक व्यक्ति को देना गलत होगा क्योंकि समय समय पर बहुत सारे लोगों ने पेन के नए-नए डिजाइन का आविष्कार किया है।
 Pen Ka Avishkar

डीएनए क्या है

  • वर्ष 1962 में मार्कर पेन का विकास हुआ जिस का अविष्कार जापानी युकियो हॉरी द्वारा टोक्यो स्टेशनरी कंपनी जिसे लोग पेंटल के नाम से भी जानते हैं उसके द्वारा किया गया। जैसे कि सभी लोग जानते हैं कि आज के समय में मार्कर पेन या हाइलाइटर पेन कितने फेमस है।
  • उसके बाद वर्ष 1963 में जापानी कंपनी ऑटो द्वारा रोलर बॉल पेन का आविष्कार किया गया जिसके बाद वर्ष 1990 में कंपनी द्वारा उस पेन के ऊपर रबड़ के कवर लगाया गया।
  • पेन पर कवर लगाने का मुख्य कारण यह था कि पेन से लिखते समय लोगों की उंगलियों पर ज्यादा दबाव ना पड़े।

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