आरएसएस (What is RSS) क्या है- RSS Full Form, जाने इसके कार्य, उदेश्य व स्थापना

RSS Kya Hai और आरएसएस की फुल फॉर्म क्या होती है एवं जाने इसके कार्य, उदेश्य व स्थापना कब हुई तथा नामकरण कब हुआ

भारत देश एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है परंतु समय-समय पर इसे हिंदू राष्ट्र स्थापित करने के लिए कई मांगेगी उठाई गई हैं तथा कई ऐसे संगठन भी हैं जो कि भारत की संस्कृति धरोहर तथा विचारों को मजबूत बनाने के लिए औपचारिक रूप से हिंदुत्व की विचारधारा का प्रचार प्रसार करते रहते हैं इनमें से ही एक सबसे मुख्य संगठन जो है वह RSS है यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जोकि  अपनी विचारधारा से निरंतर लोगों को जोड़ता रहा है तथा भारत वर्ष के महानता से सबको रुक रुक कर आ रहा है आपदा के समय में आरएसएस एक सामाजिक संगठन के रूप में भी कार्य करता है तो आइए आज आपको इस Article के माध्यम से RSS क्या है तथा इसके बारे में आपको संक्षेप में जानकारी प्रदान करते हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) क्या है?

भारत में बहुत से संगठन हैं जो कि अपनी कट्टरता तथा हिंदुत्ववादी विचारधारा को बढ़ाने का कार्य करते हैं परंतु भारत के दक्षिणपंथी हिंदू राष्ट्रवादी तथा ऐसा समूह जो कि व्यापक तौर पर भारत को अपनी दिशा में निरंतर बढ़ावा देता रहता है वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) है वैश्विक तौर पर देखा जाए तो आगे से विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवक संगठन माना जाता है वर्तमान समय में RSS में 60 लाख से अधिक स्वयंसेवक है जोकि बहुत से देशों में अपने संगठन को बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।यह मुख्य रूप से भारत के संस्कृति तथा संस्कार को उजागर करता है तथा आपदाओं के समय में यह सभी धर्मों का आदर करके उनकी मदद करने के लिए तत्पर रहता है। RSS का जो मुख्य संचालन है वह मोहन भागवत के हाथों में जोकि आरएसएस के सभी इकाइयों की सभी इकाइयों की बागडोर संभाले हुए है।

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आरएसएस की स्थापना कब हुई?

27 सितंबर 1925 में विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) की स्थापना की गई तथा इसके संस्थापक डॉ केशव राव बलिराम हेडगेवार थे और यही कारण है कि दसवीं के त्यौहार को संघ के द्वारा बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है वर्तमान समय में आर एस एस विश्व के लगभग 100 देशों में दैनिक शाखाएं मौजूद है यही कारण है कि हर देश के सबसे बड़े संघ के रूप में स्थापित हो चुका है RSS के अध्यक्ष का नाम श्री मोहन भागवत है जोकि एक मराठी है।वर्तमान समय में RSS का मुख्यालय नागपुर महाराष्ट्र में स्थित है। वर्तमान समय में देश के सबसे मजबूत संगठन के रूप में इसकी पहचान है तथा सरकार में भी इसने अपनी एक अलग पैठ बना चुकी है।

RSS का नामकरण कब हुआ?

जैसा कि उपरोक्त में बताया गया है कि आरएसएस का जो फुल फॉर्म है वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है हिंदी में भी हम इसे इसी नाम से जानते हैं जो कि एक गैर सरकारी संगठन है भले ही RSS की स्थापना सन 1925 ईस्वी में कर दी गई हो परंतु इसके नामकरण 17 अप्रैल 1926 को किया गया था जिसमें बहुत सुझाव के बाद इसका नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पड़ा उसके बाद इसने धीरे-धीरे अपनी कई दैनिक शाखाओं को भी खोला जब यह भारतवर्ष में पूर्ण रूप से फैल गया तो इसने अन्य देशों की तरफ भी अपना आकर्षण बढ़ाया तथा वहां पर भी अपनी शाखाएं खोल दें और आज लगभग 100 देशों में 57000 शाखाओं के साथ विश्व का सबसे बड़ा संगठन बनकर स्थापित हो गया।

RSS का राजनैतिक महत्व

सन 1975 में जब RSS के 50 वर्ष पूरे हो गए तो उस समय RSS ने एक भव्य आयोजन करने के लिए तैयारी की परंतु सरकार के द्वारा देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई ऐसे में सभी संघ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को एक जगह एकजुट होने पर रोक लगा दी गई जब आपातकाल हटा तो इसने मोरारजी देसाई को अपना समर्थन देकर एक मिली जुली सरकार बना ली तथा 1975 के बात आरएसएस का राजनीतिक महत्व बढ़ता गया और 1980 में जब भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई

तो इसने पूर्ण रूप से बीजेपी को अपना समर्थन दिया तथा कई बार इसने बीजेपी की सरकार बनाने में भी अपना योगदान दिया आजादी के बाद से ही RSS ने मुखपत्र ऑर्गेनाइजर के माध्यम से 1947 को राष्ट्रीय ध्वज के तौर पर भगवा ध्वज को स्वीकार करने की मांग की थी परंतु उसे अस्वीकार कर दिया गया जिसकी वजह से RSS ने कभी भी तिरंगा को अपना राष्ट्रध्वज नहीं माना।

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का उद्देश्य

आपने हमेशा ही वीर सावरकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा अन्य और भी लोगों के बारे में बहुत बहादुरी के किस्से सुने होंगे क्या आपको पता है कि यह सभी लोग आरएसएस के ही थे शायद यही वजह है कि लोग RSS की तरफ और ज्यादा आकर्षित होते रहते हैं और इसके उद्देश्य को समझ कर इसके प्रति ईमानदारी से कार्य करते हैं तो आइए निम्नलिखित हम आर एस एस के उद्देश्य को आप के समीप उजागर करते हैं।

  • RSS भारतवर्ष के संस्कृति तथा संस्कार को बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करती है जिससे लोगों में देश के प्रति प्रेम उत्पन्न हो
  • भारत में हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए यह लोगों में जागरूकता फैलाती है ताकि नए लोगों को इसके उद्देश्य का पता चल सके।
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हमेशा से ही लोगों में प्रेम की भावना उत्पन्न करने का कार्य करती है जिससे गरीब निर्धन लोगों की मदद की जा सके।
  • देश में फैल रही असहिष्णुता को समाप्त करने के लिए तथा सभी धर्मों का आदर करने के लिए RSS में व्यवस्थित तौर पर लोगों को शाखा में ज्ञान भी प्रदान करती है।
  • देश में होने वाले राजनीतिक उथल-पुथल को एक Mediator की भूमिका अदा करके देश को उच्च स्थान तक ले जाने का जो कार्य होता है वह आर एस एस का उद्देश्य का ही एक हिस्सा है।

RSS के कार्य क्या होते है?

जैसा कि आपको बताया गया कि RSS एक गैर सरकारी संगठन है परंतु इसके सदस्यों की संख्या में दिन-ब-दिन तेजी देखने को मिलती है क्योंकि आर एस एस हमेशा से सदर सटीक एवं सच्ची बातों पर ही अपने कार्य को आगे बढ़ाता है तथा देश की सांस्कृतिक को बढ़ावा देने का कार्य करता है तो आइए निम्नलिखित हम इसके कार्य की समीक्षा करते हैं।

  • देश में लोगों के प्रति राष्ट्रप्रेम का कार्य RSS एस के द्वारा ही किया जाता है।
  • लोगों को देश को आजाद कराने के लिए दिए गए बलिदान कल जिक्र किया जाता है तथा उन्हें देश के प्रति ईमानदार एवं कट्टर बनाया जाता है।
  • शाखाओं में प्रतिदिन स्वयंसेवकों को व्यायाम करना सिखाया जाता है तथा उन्हें कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
  • प्राकृतिक आपदा के समय सामाजिक कार्य को करने के लिए प्रेरित किया जाता है तथा सामाजिक तौर पर पिछड़े क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाता है।
  • लोगों में हिंदुत्व के प्रति प्रेम उजागर किया जाता है तथा उन्हें असल में हिंदुत्व का मतलब समझाया जाता है ताकि लोगों को हिंदू राष्ट्र स्थापित करने का अवसर मिल सके।
  • नई पीढ़ियों को RSS के द्वारा जोड़कर उन्हें सही तरह से जीवन व्यतीत करने का तरीका बताया जाता है जिससे भविष्य में उनको देश प्रेम तथा अपने धर्म की रक्षा करने का ज्ञान अर्जित हो सके।

Conclusion:निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने आपको विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के बारे में पूर्ण रूप से सभी जानकारी मुहैया कराई है तथा इसके साथ ही साथ इसकी स्थापना से लेकर इसके नामकरण तक का Knowledge आपको दिया है बहुत से लोग हैं जो कि आरएसएस के बारे में पूरी तरीके से नहीं जान पाते हैं इसलिए यह Article उनको काफी ज्यादा उपयोगी लगेगा क्योंकि इसमें RSS के कार्य उद्देश्य तथा उनके राष्ट्रीय राजनीति में जो महत्व उनको भी बताने का प्रयास किया गया है तो हम आशा करते हैं कि आपको यह लेख काफी ज्यादा पसंद आया होगा।

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