TGT और PGT क्या है- योग्यता, सैलरी व TGT/ PGT कैसे करें जाने हिंदी में

TGT Aur PGT क्या है और TGT/ PGT Kaise Kare एवं इसकी शैक्षित योग्यता, चयनित का वेतनमान व चयन प्रक्रिया क्या है जाने हिंदी में

ऐसा ही वर्तमान में आप जानते होंगे की हर युवा अभ्यर्थी Competition अथवा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जरूर करता है क्योंकि आज के समय में सरकारी नौकरी का जो महत्व है वह किसी और नौकरी में देखने को नहीं मिलता है क्योंकि सरकारी नौकरी के प्रति एक ऐसी संभावना बन चुकी है जिससे लोगों को लगता है कि एक प्रकार की सुरक्षित नौकरी है उन्हीं में से कई ऐसी नौकरियां होती हैं जो अपने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रवृत्त होते हैं जैसे रेलवे पुलिस नगर निगम बैंक पियो आदि नौकरियों में अच्छी नौकरी मानी जाती है

वर्तमान समय में एक शिक्षक की नौकरी के लिए वहीं शिक्षक सरकारी स्कूलों में कार्यरत होते हैं जोकि TGT और PGT के माध्यम से चुने जाते हैं अब आप यह लगता होगा कि TGT(Trained Graduate Teacher) और PGT(Post Graduate Teacher) क्या है निम्नलिखित Article में हम आपको इसके बारे में बताएंगे तथा सैलरी के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।

TGT Kya Hai?

TGT का Full Form TRAINED GRADUATE TEACHER होता है एक प्रकार का शिक्षक बनने के लिए स्नातक लेवल का एक उपाधि होती है जिससे यह प्रतीत होता है कि उक्त विद्यार्थी ने अपना ग्रेजुएशन तथा उसके साथ साथ B.Ed पूरा कर लिया है अब वह शिक्षक बनने के योग्य है TGT माध्यम का विद्यार्थी किसी भी सरकारी स्कूल में कक्षा 10 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए नियुक्त किया जाता है इसके लिए नियुक्ति पाने में दो प्रकार की Combined परीक्षा देना होता है जो कि TET तथा CTET के नाम से प्रयुक्त की जाती है।

TGT Aur PGT

PGT Kya Hai?

PGT का Full Form POST GRADUATE TEACHER होता है जोकि स्नातकोत्तर लेवल की उपाधि मांगी जाती है इससे यह प्रतीत होता है कि उक्त अभ्यर्थी ने PG के साथ-साथ अपना B.Ed पूरा कर लिया है वह शिक्षक बनने के योग्य हो चुका है एक PGT Level का अभ्यर्थी किसी भी सरकारी विद्यालय में कक्षा 12 तक के अभ्यर्थियों को पढ़ा सकता है तथा उसकी नियुक्ति एक वैकल्पिक विषय के साथ-साथ प्रवक्ता के लिए भी प्रयुक्त की जाती है पीजीटी के अभ्यर्थी को भी राज्य स्तरीय TET का एग्जाम अथवा केंद्र स्तरीय CTET का एग्जाम देना होता है उसके बाद ही उसे किसी विद्यालय में नियुक्ति मिलती है।

TGT और PGT कैसे करें?

जैसा कि आप अच्छे से जानते हैं कि वर्तमान समय में शिक्षक बनने के लिए काफी ज्यादा जद्दोजहद लगी हुई है सरकारी स्कूलों में हर कोई नौकरी चाहता है क्योंकि यह सबसे आरामदायक नौकरी मानी जाती है उसके लिए TGT और PGT करना अनिवार्य रखा गया निम्नलिखित इनके बारे में बताएंगे।

TGT और PGT

TGT हेतु योग्यता

सबसे पहले हम आपको TGT की पात्रता बताएंगे जिससे यदि आपको भविष्य में Trained Graduate Teacher करना हो तो यहां आप आसानी से सब कुछ जान सके तो आइए निम्नलिखित हम आपको टीजीटी हेतु पात्रता संक्षेप में बताएं।

  • सबसे पहले टीजीटी करने के लिए आपको किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज अथवा यूनिवर्सिटी से Graduation करना अनिवार्य है।
  • यदि किसी एक विषय को आप पढ़ाने की इच्छा रखते हैं तो कुछ विषय से आपको ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ पास होना अनिवार्य माना गया है।
  • TGT के लिए आपको B.Ed भी अनिवार्य रूप से करना होगा क्योंकि बिना B.Ed के आपको टीजीटी लेवल की कोई भी नौकरी सरकारी स्कूल में प्रदान नहीं की जाएगी।
  • TGT हेतु B.Ed अथवा बीटीसी के समक्ष सर्टिफिकेट अथवा डिग्री होना अनिवार्य।

PGT हेतु योग्यता

जैसा कि उपरोक्त हमने आपको टीजीटी के लिए योग्यता बताइए ठीक उसी प्रकार PGT की भी कुछ पात्रता अथवा योग्यताएं होती हैं जिसके बाद ही आप एक पीजीटी युक्त अभ्यार्थी माने जाएंगे जो हम निम्नलिखित आपको बताने जा रहे हैं।

  • सबसे पहले आपको PGT करने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से Post Graduation अनिवार्य रूप से करना होगा।
  • जिस भी विषय के आप शिक्षक बनना चाहते हैं उससे आपको स्नातकोत्तर 50 फीसदी अंकों के साथ पूरा करना होगा।
  • PG की डिग्री के बाद आपको B.Ed अनिवार्य रूप से करना होगा।
  • टीजीटी और पीजीटी के लिए बीएड मुख्य तौर पर अनिवार्य रखा गया है क्योंकि यह एक प्रकार का शिक्षक का अंतिम पड़ाव माना जाता है।
TGT Aur PGT

TGT और PGT की चयन प्रक्रिया

जैसा कि आपको बताते चलें कि Trained Graduate Teacher और Post Graduate Teacher दोनों ही शिक्षक पात्रता के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं यदि इन दोनों ही प्रक्रिया को आप पूर्ण तरीके से कर ले संवैधानिक रूप से शिक्षक के पद पर किसी सरकारी विद्यालय में नियुक्त हो सकते हैं इसी के साथ साथ हम आपको बताते चलें कि यह दोनों ही प्रक्रिया में एकल प्रक्रिया होती है जो कि एक लिखित परीक्षा के द्वारा संभव हो पाती है।इन दोनों ही में Selection के लिए एक चयन प्रक्रिया होती है जिसमें निम्नलिखित चरण होते हैं जो कि हम आपको बताने जा रहे हैं।

प्रथम चरण:लिखित परीक्षा

जैसा कि आपको पता है कि किसी भी सरकारी नौकरी के लिए वर्तमान समय में अब लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है जिसके बाद ही किसी अभ्यर्थी का Selection हो पाता है उसी प्रकार टीजीटी और पीजीटी में भी एक एकल चरणबद्ध परीक्षा आयोजित होती है इसमें आपके विषय के आधार पर Cut off निकाली जाती है जिस की समीक्षा होने के बाद अभ्यार्थी को एक मेरिट लिस्ट में रखा जाता है।

द्वितीय चरण:साक्षात्कार

किसी भी अभ्यर्थी के द्वारा यदि लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली जाती है तथा उस Criteria में यदि वह अभ्यर्थी आता है तो उसके बाद उसे एक साक्षात्कार(Interview) के लिए बुलाया जाता है जिसमें उससे उस विषय के संबंध में पूछा जाता है जिस विषय का वह अध्यापक बनना चाहता है और इस साक्षात्कार के बाद एक और Merit Number के आधार पर बनाई जाती है यदि उस मेरिट में उक्त अभ्यर्थी शामिल रहता है तो उसे आगे के चरण के लिए बुलाया जाता है।

अंतिम चरण:Final Merit

अंतिम चरण में अभ्यर्थियों को उस दस्तावेज की जांच के लिए बुलाया जाता है जो कि टीजीटी और पीजीटी प्रक्रिया में शामिल होते हैं इस चरण में उपरोक्त दोनों चरणों में उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को Shortlist किया जाता है तथा उनके बाद जिनके पास उपयोगिता की Qualification होती है उन्हें ज्यादातर जी दी जाती है और इसके बाद ही उन्हें किसी मान्यता प्राप्त सरकारी विद्यालय में नियुक्ति दी जाती है।

TGT और PGT के लिए विषय

जैसा कि आपको पता होगा कि किसी भी सरकारी स्कूलों में तमाम तरह के शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं उन में उन शिक्षकों के अलग-अलग विषय मापदंड के हिसाब से चयनित होते हैं क्योंकि व शिक्षक किसी एक विषय से TGT और PGT में प्रयुक्त Graduation और Post Graduation किए हुए होते हैं निम्नलिखित हम आपको उन विषयों का नाम बता रहे हैं जो टीजीटी और पीजीटी के लिए निर्धारित किए गए हैं।

  • विज्ञान
  • सामाजिक विज्ञान
  • गणित
  • हिंदी
  • उर्दू
  • अंग्रेजी
  • वाणिज्य
  • संस्कृत
  • कला
  • रसायनिक विज्ञान
  • भूगोल
  • भौतिक विज्ञान
  • जीव विज्ञान
  • संगीत(गायन और वादन)
  • शारीरिक शिक्षा
  • गृह विज्ञान

TGT और PGT syllabus

यदि कोई अभ्यार्थी टीजीटी और पीजीटी की तैयारी करना चाहता है तो उसे सबसे पहले इन दोनों ही के सिलेबस की जानकारी रखना ज्यादा जरूरी है क्योंकि यदि आपको सिलेबस नहीं पता होगा तो आपकी तैयारी अच्छे से नहीं हो पाएगी इसलिए निम्नलिखित हम आपको इसमें प्रयुक्त होने वाले विश्व के सिलेबस बता रहे हैं।

  • General knowledge
  • English Language
  • Quantitative Aptitude
  • Optional(जिस विषय से अभ्यार्थी टीजीटी या पीजीटी करना चाहता है)

टीजीटी और पीजीटी होने के बाद क्या होता है?

आजकल सभी अभ्यार्थियों को एक चिंता यह जरूर सताए रहती है कि यदि वह TGT और PGT कर लेते हैं तो उसके बाद क्या होगा उसके साथ हम आपको बताते चलें की सरकार के द्वारा शिक्षक भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाता है तथा उसमें उन अभ्यार्थियों को ही शामिल किया जाता है जो पूर्ण रूप से टीजीटी और पीजीटी कर चुके होते हैं क्योंकि किसी भी विद्यालय में Trained Graduate Teacher (TGT) कक्षा 6 से 10 और Post Graduate Teacher(PGT) कक्षा 11 से 12 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक की जरूरत होती है इसलिए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में टीजीटी और पीजीटी अभ्यर्थियों का बहुत ज्यादा महत्व देखने को मिलता है।

TGT और PGT से संबंधित अधिसूचना

जैसा कि आपको पहले से ही बताते चलें कि हाल ही में 2021 में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बहुत से ऐसे अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है जो टीजीटी और पीजीटी कर रखे हुए थे और साल 2022 मैं शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की अधिसूचना जारी होने की संभावना है क्योंकि वर्तमान समय में प्रदेश में बहुत शिक्षक की कमी चल रही है इसको देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करने की सूचना अपने माध्यम से लोगों तक पहुंचाई है या भर्ती प्रक्रिया कभी भी शुरू की जा सकती हैं।

TGT और PGT में चयनित का वेतनमान

हम आशा करते हैं कि उपयोग बताएं कि सभी जानकारियां आपने भली-भांति पढ़ ली होगी अब हम आपको टीजीटी और पीजीटी के संबंधित वेतनमान की बातें बताने जा रहे हैं यदि किसी सरकारी विद्यालय में कोई टीजीटी शिक्षक पढ़ाता है तो उसका शुरुआती वेतन लगभग ₹35000 से शुरू होता है जो कि ₹70000 तक भी जा सकता है वहीं अगर पीजीटी शिक्षक की बात की जाए तो इसका शुरुआती वेतनमान लगभग ₹48000 से ₹90000 तक पहुंच जाता है यदि वरीयता के हिसाब से देखा जाए तो जितना ही वर्ष बीत जाएगा उनके वेतनमान में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

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